लीवर की स्कैनिंग करेगी ये मशीन, फटाफट लगेगा बीमारी का पता
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टांडा मेडिकल कॉलेज में अब लीवर की जटिल बीमारियों का इलाज हो जाएगा। टीएमसी में अब एक करोड़ रुपये की लागत से फाइब्रो स्कैन मशीन लगाई गई है। इस मशीन की खासियत यह है कि इससे लीवर की स्कैनिंग के बाद लीवर में अगली स्टेज में होने वाली बीमारी का पता चलेगा। इतना ही नहीं, मशीन यह भी बता देगी कि लीवर कितना प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त है।
टेस्ट के माध्यम से इसका भी पता चलता है। मशीन से रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सक अब लीवर की बीमारियों का इलाज जल्द शुरू कर सकेंगे। पहले लीवर की जटिल बीमारियों के टेस्ट पीजीआई में करवाने पड़ते थे। इस कारण टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों का इलाज शुरू हो पाता था।
अब टीएमसी में ही लीवर के टेस्ट होने से मरीजों का काफी राहत मिलेगी। कई मामलों में पाया गया है कि पीलिया या अन्य बीमारियों से लीवर काफी क्षतिग्रस्त हो जाता था। अगली स्टेज में होने वाली बीमारियों का पता नहीं चल पाता था। इस कारण मरीजों की उपचार शुरू होने से पहले ही मौत हो जाती थी।
लीवर की बीमारियों के रोज आते हैं 150 से 200 मरीज
टीएमसी में हर रोज लीवर की बीमारियों से पीड़ित 150 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसमें 50 से 60 मरीजों का लीवर क्षतिग्रस्त हो चुका होता है। इन मरीजों को फाइब्रो स्कैन मशीन के माध्यम से टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। टीएमसी के प्राचार्य
डा. रमेश भारती ने कहा कि टीएमसी में ही फाइब्रो स्कैन मशीन लगाई गई है। मशीन में लीवर की स्कैनिंग के माध्यम से लीवर की बीमारियों और लीवर कितने प्रतिशत तक क्षतिग्रस्त है, इसको लेकर भी जानकारी मिलेगी। इससे मरीजों का इलाज मौके पर शुरू हो सकेगा।