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मौसम बदलते ही बढ़ने लगे जुकाम और बुखार के मरीज
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अस्पतालों में दस फीसदी तक बढ़े केस
गला दर्द की दिक्कत लेकर भी आ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच वायरल फीवर के मामले बढ़ने लगे हैं। आईजीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में वायरल फीवर के मामलों में दस फीसदी की वृद्धि हुई है।
अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मरीज बुखार, गला दर्द, खांसी की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज बिना परामर्श के दवाएं न लें। ऐसा करने पर उन्हें नुकसान हो
सकता है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन दो सौ से ढाई सौ के बीच ओपीडी रहती है। लेकिन मई और जून के मुकाबले वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि गला दर्द और बुखार तथा खांसी के मरीज काफी संख्या में ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बताया कि स्क्रब टायफस से भी फीवर आता है। डेंगू, वायरल और कोविड में भी इस तरह के लक्षण रहते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों मौसम में बदलाव के कारण इस तरह के लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
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सात घंटे की भरपूर नींद लें : डॉ. उष्येंद्र
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के दौरान लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति खास ध्यान देने की जरूरत है। इनमें बदलते मौसम में लोगों को ठंड से बचाव रखना चाहिए। इसके अलावा कम से कम सात घंटे की नींद, सूप और दाल का पानी पीना चाहिए। भाप लेने के साथ गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान सभी आयु वर्गों के लोगों को इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।
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गला दर्द की दिक्कत लेकर भी आ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। मौसम में अचानक आए बदलाव के बीच वायरल फीवर के मामले बढ़ने लगे हैं। आईजीएमसी की मेडिसिन ओपीडी में वायरल फीवर के मामलों में दस फीसदी की वृद्धि हुई है।
अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मरीज बुखार, गला दर्द, खांसी की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज बिना परामर्श के दवाएं न लें। ऐसा करने पर उन्हें नुकसान हो
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सकता है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन दो सौ से ढाई सौ के बीच ओपीडी रहती है। लेकिन मई और जून के मुकाबले वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि गला दर्द और बुखार तथा खांसी के मरीज काफी संख्या में ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बताया कि स्क्रब टायफस से भी फीवर आता है। डेंगू, वायरल और कोविड में भी इस तरह के लक्षण रहते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों मौसम में बदलाव के कारण इस तरह के लक्षण देखने को मिल रहे हैं।
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सात घंटे की भरपूर नींद लें : डॉ. उष्येंद्र
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उष्येंद्र शर्मा ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के दौरान लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति खास ध्यान देने की जरूरत है। इनमें बदलते मौसम में लोगों को ठंड से बचाव रखना चाहिए। इसके अलावा कम से कम सात घंटे की नींद, सूप और दाल का पानी पीना चाहिए। भाप लेने के साथ गर्म पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान सभी आयु वर्गों के लोगों को इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।