कड़ी निगरानी में रहेगा जीवाश्म, वन विभाग करेगा तारबंदी
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राजधानी शिमला के खड़ापत्थर के पास शीलघाट सड़क किनारे मिले 25 करोड़ साल पुराने विशालकाय पेड़ का जीवाश्म कड़ी निगरानी में रहेगा। वन विभाग ने जीवाश्म के चारों ओर कांटेदार तार लगाना शुरू कर दिया है।
एक सप्ताह बाद पुरातत्व विभाग की टीम और भूगर्भ वैज्ञानिक जांच के लिए मौके का दौरा करेंगे। जांच पूरी होने के बाद ही इसके संरक्षण की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग लेगा। तब तक वन विभाग इसकी देखरेख करेगा।
करीब 250 मिलियन साल पुराने वनस्पति के जीवाश्म मिलने का इस क्षेत्र में पहला मामला है। वन विभाग ने उसके चारों ओर बाड़ लगानी शुरू कर दी है ताकि कोई छेड़छाड़ न कर सके। वन विभाग उस स्थान पर चेतावनी बोर्ड भी लगा रहा है।
जीवाश्म को सबसे पहले डीएफओ रोहड़ू ने चार दिन पहले फील्ड विजिट के दौरान अपनी टीम के साथ देखा था। उसके बाद राज्य संग्रहालय शिमला के क्यूरेटर डॉ. हरि चौहान ने इसकी जांच की। अब अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ 10 मई के बाद खड़ापत्थर में जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
ऐसे मिला था जीवाश्म
जीवाश्म खड़ापत्थर-शीलघाट सड़क को चौड़ा करने के लिए हो रही चट्टानों की कटिंग के दौरान निकला है। मध्यजीवी युग के इस जीवाश्म को प्रारंभिक जांच के दौरान विशेषज्ञ डायनासोर के काल का मान रहे हैं।
डीएफओ रोहडू सीबी चंदू ताशिलदार ने कहा पुरातत्व विभाग पूरी जांच के बाद इसका संवर्द्धन करेगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग ओर से जीवाश्म के चारों ओर कांटेदार बाड़ लगाई जा रही साथ ही चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
प्रदेश राज्य संग्रहालय के क्यूरेटर डॉ. हरि चौहान ने बताया कि एक सप्ताह बाद अलग-अलग विषय के विषेशज्ञ, पुरातत्व विभाग की टीम मौके पहुंच कर जीवाश्म की जांच करेगी। जांच के लिए वैज्ञानिकों से संपर्क किया जा रहा है।