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मोबाइल कंपनियों से टावर लगाने का शुल्क वसूल सकेंगी पंचायतें
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:25 AM IST
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हिमाचल में पंचायतें अब मोबाइल कंपनियों से टावर लगाने का पैसा वसूल कर सकेंगी। प्रदेश सरकार ने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह शक्तियां दीं हैं। नई व्यवस्था के तहत मोबाइल टावर लगाने से पहले कंपनियों को पंचायतों से एनओसी लेना होगा।
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आवेदन पर पंचायतें 10 हजार रुपये की फीस वसूलेंगी जबकि सालाना 5 हजार रुपये का शुल्क अलग से लिया जाएगा। मोबाइल टावर से होने वाली आय पंचायतें विकास पर खर्च कर सकेंगी।
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पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इससे पूर्व भी सरकार ने व्यवस्थाएं की हैं। पंचायत के अधिकार क्षेत्र में शराब का ठेका खोले जाने पर प्रति बोतल एक रुपये का शुल्क पंचायत को जाता है।
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यह राशि विभाग की ओर से पंचायत के खाते में जाती है। इसके अलावा पंचायत एरिया में दुकानें खोले जाने और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां करने पर भी पंचायतें कारोबारियों से पैसा वसूल सकती हैं।
हिमाचल में कुल 3226 पंचायतें हैं। किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि के लिए हिमाचल में पंचायतों की एनओसी का प्रावधान है।
पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि पंचायतों को आय के साधन जुटाने के लिए कई अधिकार दिए गए हैं। पंचायतें डोर टू डोर गारबेज एकत्रित करने पर जनता से पैसे वसूल कर सकती हैं।
भवन मालिकों से प्रापर्टी टैक्स लिया जा सकता है। लेकिन पंचायतों को टैक्स वसूलने के लिए प्रस्ताव को ग्राम सभा से पारित कराना होता है।