इस राज्य ने पछाड़ा हिमाचल का आलू बीज, ये है वजह
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एक समय हिमाचल का आलू बीज देश में अपनी धाक जमा चुका था, लेकिन अब पंजाब ने इसे पछाड़ दिया है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्तमान में पंजाब में आलू की पैदावार हिमाचल से अधिक है।
मौजूदा दौर में लाहौल-स्पीति जिले को छोड़ दिया जाए तो प्रदेश के किसान भोज्य आलू यानी खाने वाले आलू की पैदावार ज्यादा कर रहे हैं। प्रदेश में दो दशक पहले तक आलू बीज की पैदावार काफी होती थी। यहां का आलू बीज किसान देश के अधिकांश राज्यों को बेचते और मोटा मुनाफा कमाते रहे हैं।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक के व्यापारी आलू बीज खरीदने के लिए हिमाचल आते थे, लेकिन आज स्थिति विपरीत बनी हुुई है। अब पंजाब के किसान आलू बीज की अच्छी खासी पैदावार कर देश के किसानों की मांग पूरी कर रहे हैं।
ऐसी स्थिति में हिमाचल के आलू उत्पादक रेट को लेकर भी पिछड़ जाते हैं। आंकड़ों के अनुसार पंजाब में करीब एक लाख हेक्टेयर जमीन पर आलू की पैदावार की जाती है। करीब पचास फीसदी जमीन पर आलू बीज की पैदावार की जा रही है।
प्रदेश में वर्तमान में बीस हजार हेक्टेयर जमीन में आलू पैदा किया जाता है। अधिकांश किसान सिर्फ भोज्य आलू का उत्पादन कर रहे हैं। हिमाचल में आलू अप्रैल या मई में उगाया जाता है और सितंबर तथा अक्तूबर में तैयार होता है।
इस वजह से पिछड़ा हिमाचल का आलू बीज
सीपीआरआई के निदेशक डॉ. एसके चक्रवर्ती कहते हैं कि पंजाब में आलू बीज की पैदावार बढ़ी है। इस कोल्ड स्टोर में रखने के बाद कुछ ही दिनों में आलू बीज तैयार किया जा सकता है।
हिमाचली आलू कम तापमान में तैयार होता है। ऐसी स्थिति में आलू बीज बनने में समय ज्यादा लगता है। पंजाब में आलू बीज की पैदावार प्रति एकड़ अपेक्षाकृत ज्यादा है।
हिमाचल में यह पैदावार अपेक्षाकृत कम रहती है। हिमाचल में तैयार आलू बीज की मांग कम हुई है। यहां के किसान बेमौसमी सब्जी और भोज्य आलू की पैदावार करने लगे हैं। इससे उन्होंने आय का नया स्रोत तैयार किया।
राज्य आलू खेती के लिए जमीन आलू की पैदावार कोल्ड स्टोर
पंजाब एक लाख हेक्टेयर 20 टन प्रति हेक्टेयर पंजाब में व्यवस्था
हिमाचल बीस हजार हेक्टेयर 11 टन प्रति हेक्टेयर हिमाचल में नहीं