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कोरोना की भेंट चढ़ गई करोड़ों के फूलों की खेती, भारी आर्थिक नुकसान

Sun, 19 Apr 2020 11:14 AM IST
अरविन्द ठाकुर रामनाथ शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, शाहतलाई (बिलासपुर)
रामनाथ शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, शाहतलाई (बिलासपुर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 19 Apr 2020 11:14 AM IST
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farmers growing flowers facing economic crisis in between lockdown and curfew in himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

कोरोना के कारण देश भर में लॉकडाउन के चलते प्रदेश में अग्रणी स्थान पर रहने वाले बिलासपुर जिले के फूल उत्पादकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। 40 हेक्टेयर जमीन में फूलों की खेती करने वाले दर्जनों परिवारों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में अभी तक 3.29 करोड़ का नुकसान आंका गया है।

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हालांकि, संबंधित विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है। बिलासपुर जिले में करीब सात दर्जन परिवार फूलों की खेती करते हैं। इस पर ही उनकी आर्थिकी टिकी है। देश और दुनिया में फूलों की मांग को पूरा करने के लिए जिले के बागवान फूलों की खेती से जुड़े हैं। इस बार कोरोना के चलते उनका कारोबार प्रभावित हो गया है। बागवान राजकुमार, रामलाल, अमरनाथ और ज्ञान चंद ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण पूरे प्रदेश में 25 मार्च से लॉकडाउन है।
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इस कारण देश भर में शादी समारोहों के साथ देश के मंदिरों के कपाट बंद हैं। इससे फूलों की मांग घट गई है। बताया कि उन्हें फूलों की खेती को उखाड़कर फेंकना पड़ा है, जिससे भारी अर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। उधर, जिले के बागवानी विभाग के उपनिदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। जिला बिलासपुर में करीब सवा तीन करोड़ का नुकसान हुआ है।

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