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Himachal News: किसान और बागवानों को 6 फीसदी ब्याज पर मिलेगा 2 करोड़ तक का ऋण
Fri, 24 Nov 2023 10:20 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 24 Nov 2023 10:20 PM IST
सार
योजना को लेकर किसानों, बैंक प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को जागरूक करने के लिए शुक्रवार को होटल पीटरहॉफ में सम्मेलन आयोजित किया गया।
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होटल पीटरहॉफ में सम्मेलन आयोजित।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
किसान और बागवानों कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट्स, वेयरहाउस और पैकेजिंग यूनिट लगा सकेंगे। इसके लिए कृषि अवसंरचना कोष (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) योजना चलाई जा रही है। इसके तहत 6 फीसदी ब्याज पर 2 करोड़ तक का ऋण मिल सकता है। योजना के तहत हिमाचल के लिए 925 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। 7 साल में ऋण चुकाने के लिए सरकार की ओर से बैंक गारंटी दी जाएगी। योजना को लेकर किसानों, बैंक प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को जागरूक करने के लिए शुक्रवार को होटल पीटरहॉफ में सम्मेलन आयोजित किया गया। कृषि मंत्री चंद्रकुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए।
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एग्री इंफ्रा फंड भारत सरकार के निदेशक केआर मीणा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि सचिव सी पालरासु ने की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नई इकाइयों की स्थापना के अलावा पुरानी इकाइयों के नवीनीकरण का भी प्रावधान है। योजना के तहत वेयर हाउस से लेकर साईलो, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक सुविधा, पैकिंग हाउस, ई-मार्केटिंग प्लेटफार्म, ग्रेडिंग एव सोर्टिंग, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, फल पकाने की यूनिट लगाने के लिए ऋण देने का प्रावधान है। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कृषि विभाग, रघवीर सिंह व जीत सिंह ठाकुर, डीजीएम नाबार्ड संजीव शर्मा, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक प्रदीप केसरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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इन्हें मिलेगी सुविधा
फसल कटाई के बाद फल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों के भंडारण की सुविधा भी योजना के तहत विकसित की जा सकती हैं। इसके अलावा कृषि सहकारी समितियों, विपणन सहकारी समितियों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप और कृषि उद्यमियों को कटाई उपरांत प्रबंधन से जुड़ी इकाइयां लगाने के लिए सस्ती दरों पर ऋण दिया जाता है।
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3 सालों में लाभार्थियों को मिला महज 67 करोड़ ऋण
जुलाई 2020 में शुरू हुई इस योजना के तहत तीन साल से अधिक का समय बीतने के बावजूद अब तक 221 करोड़ के 324 आवेदनों को ही बैंकों से स्वीकृति मिल पाई है। लाभार्थियों को महज 67 करोड़ ही प्रदान किए गए हैं। योजना के तहत हिमाचल को देश में सबसे कम 0.3 फीसदी ऋण राशि स्वीकृत हुई है। योजना 31 मार्च 2026 तक चलेगी। सबसे अधिक मध्यप्रदेश को 18 फीसदी, महाराष्ट्र 11, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश 8-8, पंजाब और राजस्थान 7-7, कर्नाटक और गुजरात 6-6, तेलंगाना और हरियाणा 5-5, तमिलनाडु 4, पश्चिम बंगाल 3, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बिहार और केरल को 2-2 फीसदी राशि स्वीकृत हुई है।