बेटे की मौत पर परिजनों ने उठाए सवाल, शव लेकर आए जवानों से हुई बहसबाजी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंडियों पंचायत के सीआरपीएफ जवान अजमल का शव घर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों को पता चला कि साथ आए जवान अजमल की मौत को कथित आत्महत्या बता रहे हैं तो उन्होंने उनकी ज्योरी पर सवाल उठा दिए।
शव लेकर घर पहुंची सीआरपीएफ टीम के साथ भी करीब दो घंटे तक बहसबाजी होती रही। परिजनों ने कहना था कि अजमल खान के आत्महत्या करने की बात पर विश्वास नहीं हो रहा है।
जवान अजमल खान के बड़े भाई शमशाद अली काशमी ने कहा कि बुधवार की रात को करीब 11 बजे अजमल ने अपने बेटे और पत्नी से फोन पर बात की थी। परिवार में सब ठीकठाक था।
अजमल ने जल्द घर आने की बात कही थी, फिर ऐसा क्या हो गया कि गुरुवार सुबह चार बजे अजमल को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा? जान लेने के लिए पेट में तीन गोलियां मारना संदेह पैदा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मामले को केंद्रीय गृहमंत्री से उठाएंगे और मामले की जांच की मांग की जाएगी। उधर, शुक्रवार सुबह जवान का शव पैतृक गांव टोका नागला पहुंचा।
जवान के पेट में हैं तीन गोलियों के निशान
विधायक सुखराम चौधरी और पूर्व विधायक चौधरी किरनेश जंग समेत क्षेत्र के हजारों लोगों ने जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। गुरुवार सुबह परिजनों को सूचना मिली थी कि असम के डोबरी क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात अजमल खान (42) की तीन गोलियां लगने से मौत हो गई है।
जवान का शव शुक्रवार सुबह पैतृक गांव पहुंचा। शुक्रवार सुबह सीआरपीएफ के अधिकारी चरनजीत सिंह समेत एक दर्जन जवान वाहन से शव लेकर टोका नागला गांव पहुंचे। आसपास के हजारों लोग एकत्र हो गए।
परिजनों ने देखा कि जवान के पेट में तीन गोलियों के निशान हैं। गोलियां पेट से पिछली तरफ निकली हैं। इससे परिजनों ने अजमल की कथित आत्महत्या की थ्योरी पर संदेह जताया।
सीआरपीएफ के अधिकारी चरनजीत सिंह ने बताया कि असम पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीआरपीएफ अपने स्तर पर भी इसकी जांच करेगी। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा दिया है। एफएसएल लैब की रिपोर्ट आने पर मामले की जांच आगे बढ़ सकेगी।