फर्जी फोन टैपिंग मामला: सीआईडी ने दर्ज किए दो पूर्व डीजीपी के बयान
फर्जी फोन टैपिंग मामले में फंसाए जाने के खिलाफ दर्ज मामले की जांच में जुटी सीआईडी की एसआईटी ने दो पूर्व डीजीपी के बयान दर्ज कर लिए हैं। पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी से शिमला तो इस केस की अहम कड़ी पूर्व डीजीपी बी कमल कुमार से हैदराबाद में एसआईटी के सदस्यों ने संपर्क साधकर उनके बयान दर्ज किए हैं। आईडी भंडारी मामले में शिकायतकर्ता हैं, ऐसे में उनके बयान के आधार पर ही जांच की दिशा तय हो सकते थी। वहीं, बी कमल कुमार से इस मामले में उस अलमारी की चाभी लेने को लेकर जांच अधिकारी किसी नतीजे पर पहुंच सकते थे, जिसमें कथित तौर पर रिकॉर्डिगिं रखी बताई गई थी। खास बात यह है कि फर्जी डिग्री मामले में गठित एसआईटी में भी फर्जी फोन टैपिंग मामले की जांच में जुटी एसआईटी के सदस्य शामिल थे।
सूत्रों का कहना है कि दोनों ही अधिकारियों ने बयान जांच अधिकारियों के पास दर्ज करा दिए हैं। बता दें कि पूर्व डीजीपी भंडारी ने झूठे मामले में फंसाए जाने को कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट से केस जीतने के बाद उन्होंने उन्हें फंसाने वाले आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राजधानी के छोटा शिमला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि जून में पुलिस ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी थी, लेकिन कोरोना की वजह से वह रिपोर्ट कोर्ट तक नहीं पहुंची। इसी बीच संजय कुंडू ने डीजीपी का चार्ज संभाला और इस मामले को सीआईडी की एसआईटी के हवाले कर दिया। जांच टीम ने अभी तक कई पूर्व एवं वर्तमान आईएएस और एचएएस अधिकारियों से सीआईडी मुख्यालय बुलाकर पूछताछ की है।