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फर्जी डिग्री मामला: विजिलेंस ने शिक्षा विभाग से मांगी कोर्ट में चालान पेश करने की मंजूरी

Thu, 28 Oct 2021 11:18 AM IST
Krishan Singh प्रवीण कुमार, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Thu, 28 Oct 2021 11:18 AM IST
सार

 विजिलेंस ने फर्जी डिग्री में आरोपी स्कूल प्रिंसिपल समेत 17 शिक्षकों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश करने की तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग से इन शिक्षकों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने के लिए मंजूरी मांगी है। मंजूरी मिलते ही कोर्ट में केस चलेगा।

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Fake degree case: Vigilance sought approval from education department to present challan in court
जांच(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्जी डिग्री के सहारे हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे एक स्कूल प्रिंसिपल समेत 17 शिक्षकों पर विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है। विजिलेंस ने आरोपी शिक्षकों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश करने की तैयारी कर ली है। शिक्षा विभाग से इन शिक्षकों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने के लिए मंजूरी मांगी है। मंजूरी मिलते ही कोर्ट में केस चलेगा। माना जा रहा है कि न्यायालय में भी इस केस पर जल्द सुनवाई होगी और फैसला भी जल्द आएगा। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने लंबा समय लेकर मामले से जुड़े तथ्य और सुबूत जुटा लिए हैं। इनमें इन 17 शिक्षकों की फर्जी डिग्रियां, लिखावट के नमूने और बिहार की मगध यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की ओर से उपलब्ध करवाए दस्तावेज शामिल हैं।

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वर्ष 2004-05 में इन भर्तियों के दौरान इन शिक्षकों की डिग्रियों की वेरिफिकेशन करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नपेंगे। बीएससी, एमएससी और बीएड की डिग्रियां जाली होने के बावजूद उन्हें किस आधार पर विभाग में नियुक्तियां दी गईं और कौन-कौन अधिकारी इसमें संलिप्त रहे, यह जांच का विषय है। बता दें कि पुलिस विभाग के एक निरीक्षक पर भी जांच की आंच आने वाली है। पूर्व में जब मामले की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई थी तो संबंधित पुलिस निरीक्षक ने रिपोर्ट में डिग्रियों को सही बताते हुए इस केस की फाइल बंद करने की सिफारिश की थी।
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वर्तमान में यह पुलिस निरीक्षक भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इन्हें जांच के लिए बुलाया जा सकता है। एक सप्ताह तक बिहार की मगध यूनिवर्सिटी में जांच के बाद लौटी विजिलेंस टीम ने अब हमीरपुर कार्यालय में सभी आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। गत दिवस सभी आरोपी शिक्षकों के बयान कलमबद्ध कर लिए हैं। चालान की फाइल में इसे संलग्न किया है। न्यायालय के निर्णय के बाद ही शिक्षकों की बर्खास्तगी और वेतन भत्तों के रूप में प्राप्त किए वित्तीय लाभों की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू होगी।
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इन 17 शिक्षकों की पाई गई हैं डिग्रियां जाली
विजिलेंस ने हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग के जिन 17 शिक्षकों की डिग्रियां फर्जी बताई हैं, उनमें जय सिंह ठाकुर, सुभाष चंद, धर्मपाल ठाकुर, दिलीप सिंह, सुरेश राणा, मदन गर्ग, राकेश चंद, मान चंद, मदन मोहन, पवन गुरुंग, यशपाल वर्मा, मिलाप सिंह, राज कुमार, हिम्मत सिंह, रविंद्र शर्मा, बलदेव राणा, अंजू शमिल हैं।

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