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फागली उत्सव: चुपके से माचिस की तीली से 11 दिन जलाए जाएंगे जिंदा इंसानों के बाल
Sun, 22 Jan 2023 08:32 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 22 Jan 2023 08:32 PM IST
सार
मनाली गांव की फागली माघ महीने के दूसरे रविवार को शुरू होती है। 11 दिन तक चलने वाली फागली में हर दिन देव कार्यवाही की जाएगी।
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फागली उत्सव- फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पर्यटन नगरी मनाली से सटे मनाली गांव में 11 दिन तक जिंदा इंसानों के बाल जलाए जाएंगे। एक-दूसरे के बालों पर चुपके से माचिस की तिली लगाई जाएगी। दरअसल, यहां मनाए जाने वाले फागली उत्सव में हर वर्ष जिंदा इंसान के बाल जलाने की परंपरा है। रविवार को मनाली गांव में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद फागली उत्सव का आगाज हो गया। 11 दिन तक गांव में उत्सव की धूम रहेगी। सर्व प्रथम मनाली गांव में फागली उत्सव मनाने के बाद घाटी के अन्य गांवों में भी यह उत्सव मनाया जाएगा।
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समूची ऊझी घाटी में फागली उत्सव फाल्गुन माह में मनाया जाता है। मनाली गांव की फागली माघ महीने के दूसरे रविवार को शुरू होती है। 11 दिन तक चलने वाली फागली में हर दिन देव कार्यवाही की जाएगी। उत्सव शुरू होने के पहले बुधवार को गढ़ जाच मनाई जाएगी। दूसरे बुधवार को फागली उत्सव का समापन होगा। जनश्रुति के अनुसार इलाके में टुंडिया राक्षस का आतंक था। इससे छुटकारा दिलाने के लिए देवताओं ने घाटी की एक युवती से उसका विवाह करवाया।
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विवाह के पश्चात भी टुंडिया राक्षस का आतंक खत्म नहीं हुआ। टिंबर शाचकी का विवाह एक राक्षस से करवाने के दोष की मुक्ति के लिए देवताओं ने उसे आमंत्रित किया तो टुंडिया राक्षस भी साथ आया। उसने फिर पूरी घाटी में आतंक मचाना शुरू किया। आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए महाऋषि मनु ने उसे मानव के बाल की गंध सुंघाने का एक वचन दिया। इसी वजह से हर साल फागली उत्सव की इस परंपरा का निर्वहन किया जाता है। जिंदा इंसान के बाल जलाकर उसे मानव गंध सुंघाई जाती है।
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उत्सव के दौरान टुंडिया राक्षस की भी मेहमाननवाजी की जाती है, जिससे गांव सालभर प्रेत आत्माओं से सुरक्षित रहे और सुख-समृद्धि बनी रहे। मान्यता यह भी है कि टुंडिया राक्षस के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए देवताओं ने उसे आमंत्रित किया था। सबसे पहले उसे महाऋषि मनु ने आमंत्रित किया, इस कारण उत्सव का आयोजन सबसे पहले मनाली गांव में किया जाता है। देवता मनु ऋषि, देवी हिडिंबा के कारदार एवं पुजारी रमन शर्मा ने बताया कि गांव में फागली उत्सव का आगाज हो गया है।