कैसे गई आखों की रोशनी, चौंकाने वाला खुलासा
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कांगड़ा के कंडवाल में कैंप के बाद पठानकोट के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद हिमाचल के चार और पंजाब के 5 लोगों की आंखों की रोशनी घटिया दवाओं की वजह से गई। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराई गई जांच में यह तथ्य सामने आया है।
प्रदेश सरकार के पास यह रिपोर्ट पहुंच चुकी है। इसके लिए पंजाब के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने और हिमाचल के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए पत्र भेजा है। राज्य सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच कराई।
जांच में यह खुलासा हुआ है कि मरीजों की आंखों में जो दवाई डाली गई थी, उसकी गुणवत्ता घटिया थी। उसमें मिलावट पाई गई।
सरकार को भेजी रिपोर्ट
घटिया दवाओं के सेवन से ही आंखों की रोशनी चली गई है। दवा के नमूनों की जांच कराई गई थी, जिसके बाद यह तसवीर सामने आई है। सीएमओ कांगड़ा की ओर से निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को भेजी गई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
कांगड़ा के सीएम बीएम गुप्ता का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी है। शिकायत मिलने के बाद जांच बिठाई थी। मंदिर कमेटी को शिविर आयोजित करने की अनुमति स्वास्थ्य विभाग ने दी थी।
वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत चौधरी का कहना है कि जांच रिपोर्ट में दवा की गुणवत्ता घटिया होने की बात सामने आई है। पंजाब को पत्र भेजकर दवा कंपनी और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई को लिखा गया है।