स्वां तटीकरण का बजट खर्च करने को मिली एक साल की मोहलत
स्वां तटीकरण का बजट खर्च करने के लिए केंद्र से एक साल की मोहलत मिल गई है। गगरेट से विधायक राजेश ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि 922 करोड़ रुपये की स्वां नदी तटीयकरण योजना अवधि को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इसका बजट अब 31 मार्च 2021 तक खर्च करना होगा। पांचवें चरण में 150 करोड़ का बजट लेने के लिए औपचारिकताएं पूरी करने में अधिकारी जुट गए हैं।
महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट के कुछ हिस्से का कार्य बचा हुआ है। इसकी डीपीआर बनाई जा रही है। वर्ष 2020-24 के लिए फ्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इससे प्रदेश की अन्य खड्डों के तटीयकरण का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में पौंग बांध वाले क्षेत्र की डीपीआर बनी है। इसका सर्वे भी हो गया है।
वीरभद्र पर तंज, यह तो सो रहे हैं - जागने वालों को दिया जाता है श्रेय
स्वां तटीयकरण पर नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 922 करोड़ के बजट का श्रेय मुख्यमंत्री जयराम को देने के बजाय पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को देना चाहिए। पूर्व सरकार के समय में यह बजट मिला था। इस पर मंत्री महेंद्र सिंह ने वीरभद्र की ओर इशारा करते हुए कहा - यद्द तो सो रहे हैं, जागने वालों को श्रेय दिया जाता है।
276 करोड़ से होगा गिरि, यमुना नदी का तटीकरण
विधायक सुखराम चौधरी के पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि यमुना और गिरी नदी के तटीकरण के लिए करीब 276 करोड़ की लागत वाली डीपीआर विभिन्न एजेंसियाें को भेजी गई है। यमुना नदी के तटीकरण की डीपीआर का तकनीकी मूल्यांकन 250.46 करोड़ का गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना कर चुका है। तकनीकी समिति के अनुमोदन के लिए केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली को भेजा जा रहा है। वहीं, गिरी नदी के तटीकरण की 24.77 करोड़ की डीपीआर भी आयोग को भेजी गई है। यह अभी तक विचाराधीन है। ब्यूरो
पांच साल बाद भी इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस का इंतजार
शिमला। पब्बर नदी के तटीकरण के लिए साल 2015 में 190.82 करोड़ की प्रशासनिक अनुमोदन और व्यय स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन प्रदेश सरकार को केंद्रीय जल आयोग से अभी इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस का इंतजार है। प्रदेश सरकार ने यह जानकारी विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के एक सवाल के जवाब में दी है।
फ्लड मैनेजमेंट योजना के लिए केंद्र से उठाएंगे मामला
प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश फ्लड और रिवर मैनेजमेंट परियोजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से 2020-21 में प्रयास कर रही है। यह जानकारी जलशक्ति मंत्री ने विधायक मुकेश अग्निहोत्री के सवाल के जवाब में दी है। मंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए 4893 करोड़ रुपये का परियोजना प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा गया।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने 390 मिलियन अमेरिकी डालर की बाह्य सहायता के लिए अनुमोदित कर दिया। लेकिन एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की ओर से कोई राशि जारी नहीं की गई है। वित्तीय सहायता प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
3424 बागवानों को दिए 89 हजार पौधे : महेंद्र सिंह
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय नौणी ने विभिन्न किस्मों के 89 हजार पौधे प्रदेश के 3424 बागवानों को वितरित किए गए हैं। विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के सरकारी संस्थान को भी विश्वविद्यालय ने उनकी मांग अनुसार पौधे उपलब्ध करवाए हैं।