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Exclusive : बच्चों को निमोनिया-गठिया के गंभीर संक्रमण से बचाएगी नई हिमोफिलस वैक्सीन, परीक्षण के बाद ग्रीन टिक
Mon, 09 Oct 2023 09:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 09 Oct 2023 09:45 AM IST
सार
इस वैक्सीन को सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली से ग्रीन टिक भी मिल गया है। अब यह जल्द बाजार में आएगी। बैसिलस इन्फ्लूएंजा (हिमोफिलस) वैक्सीन के तीन बैच विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणित लैब ने पास कर दिए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में बच्चों को बी-टाइप निमोनिया और सेप्टिक गठिया जैसे खतरनाक संक्रमण से बचाने के लिए आधुनिक वैक्सीन तैयार हो गई है। इस वैक्सीन को सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (सीडीएल) कसौली से ग्रीन टिक भी मिल गया है। अब यह जल्द बाजार में आएगी। बैसिलस इन्फ्लूएंजा (हिमोफिलस) वैक्सीन के तीन बैच विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रमाणित लैब ने पास कर दिए हैं।
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अभी तक इस बीमारी से होने वाले नुकसान से बचने के लिए हिब वैक्सीन का टीका लगाया जाता था। अब इस वैक्सीन को आधुनिक रूप से तैयार कर इसे हिमोफिलस वैक्सीन नाम दिया गया है। यह टीका जोड़ों और हड्डियों के गंभीर संक्रमण से बचाने में कारगर सिद्ध होगा।
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यह एक साल की उम्र में लगाया जाता है, ताकि भविष्य में संक्रमण घातक न हो। गौर रहे कि देश में बनने वाली प्रत्येक वैक्सीन का परीक्षण सीडीएल कसौली में होता है। इसके बाद ही वैक्सीन को बाजार में उतारा जाता है। बीते दिनों हिमोफिलस वैक्सीन के तीन बैच को हरी झंडी दे दी है।
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इससे पहले भी कई बीमारियों को खत्म करने के लिए वैक्सीन को प्रयोगशाला में जांचा गया है। वहीं कोरोना काल के दौरान भी प्रयोगशाला कर्मचारियों की ओर से तेजी से कार्य कर वैक्सीन को आपात मंजूरी दिलवाई थी।