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आयुर्वेद डाक्टरों की भर्ती परीक्षा पर सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 28 Sep 2014 12:23 AM IST
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आयुर्वेद डाक्टरों की भर्ती के लिए लोकसेवा आयोग की ओर से 21 सितंबर को ली गई परीक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा में आयोग ने 80 में से 42 प्रश्न एक महीना पहले प्रदेश विश्वविद्यालय में हुई आयुर्वेद एमडी प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र से ही पूछ लिए। परीक्षार्थियों को आशंका है कि यह महज संयोग है या कुछ और खेल। कहीं कुछ लोगों को पास करवाने के लिए तो ऐसा नहीं किया गया?
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दरअसल, विश्वविद्यालय ने आयुर्वेद एमडी प्रवेश परीक्षा 24 अगस्त को ली थी। इसमें कुल 200 प्रश्न पूछे गए। इसके बाद लोकसेवा आयोग ने करीब एक महीना बाद 21 सितंबर को एचपी आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती परीक्षा ली। इसमें 100 प्रश्न पूछे गए। इनमें 80 आयुर्वेद से और 20 सामान्य ज्ञान पर आधारित थे। 80 में से करीब 43 प्रश्न 24 अगस्त को हुई परीक्षा में से डाल दिए गए।
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नाम न छापने की शर्त पर कई परीक्षार्थी सवाल उठा रहे हैं कि क्या दोनों परीक्षाओं के पेपर सेटर एक ही थे? अमर उजाला को इस बारे में चार परीक्षार्थियों ने ई-मेल भी भेजे। इनका कहना है कि एक महीने के भीतर हुई परीक्षाओं में यदि प्रश्न एक जैसे आने हों तो इससे बिना पेपर लीक किए किसी को भी फायदा दिया जा सकता है। आयोग को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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आयुर्वेद मेडिकल अधिकारियों की परीक्षा लोकसेवा आयोग ने जरूर ली है, मगर एमडी आयुर्वेद की परीक्षा आयोग ने नहीं ली है। आयोग ने आयुर्वेद मेडिकल अधिकारियों के पेपर सेट करने को नियमानुसार विशेषज्ञों को दिए थे। यह संयोग ही हो सकता है, अगर एक जैसे प्रश्न पूछे गए। इसमें आयोग के स्तर पर कोई गलती नहीं।
- अशोक गुप्ता, अवर सचिव, राज्य लोेक सेवा आयोग