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Shimla News: उद्घाटन के बाद भी बंद है करोड़ों की पार्किंग, मरीज और लोग परेशान
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स्मार्ट सिटी शिमला के तहत डीडीयू अस्पताल के पास लोकल बस अड्डे पर सात करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर एवं पार्किंग का उद्घाटन एक सप्ताह पहले हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक लोगों को यहां वाहन खड़े करने की सुविधा नहीं मिल रही है। इससे डीडीयू अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों, आम जनता और कारोबारियों को परेशानी हो रही है। संवाददाता दीक्षा सरोय ने मौके का जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:-
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के डीडीयू अस्पताल से करीब सौ मीटर की दूरी पर लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्यावसायिक परिसर में पार्किंग की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। सात करोड़ रुपये की लागत से बने इस परिसर में 35 से 40 छोटे वाहनों को खड़ा करने की क्षमता वाली पार्किंग बनाई गई है। इसके बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
इसकी वजह से सुबह से शाम तक सड़क किनारे और बस अड्डे पर छोटे-बड़े वाहन अवैध रूप से पार्क किए जा रहे हैं। पार्किंग का उद्घाटन 7 अक्तूबर को किया गया था। इसके बाद करीब डेढ़ सप्ताह बीत चुका है, लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। लोकल बस अड्डे पर दिनभर अवैध पार्किंग के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। शनिवार को भी मौके पर ऐसे ही हालात देखने को मिले। सड़क किनारे दोपहिया और छोटे वाहन पार्क किए गए थे। गुरुद्वारे के पास तो स्थिति यह है कि लोगों को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिलती।
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दिनभर डीडीयू अस्पताल में मरीज उपचार के लिए आते रहे, लेकिन अस्पताल के द्वार से ही वाहनों को वापस लौटा दिया जा रहा था। ऐसे में लोगों को मजबूरन सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क करने पड़ रहे थे या लिफ्ट के पास स्थित पार्किंग में वाहन खड़े करने पड़ रहे थे। इसके चलते मरीजों को अस्पताल लाने और ले जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोकल बस अड्डे के कारोबारियों को भी दुकानों के सामने होने वाली अवैध पार्किंग के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि अवैध पार्किंग की वजह से उनके कारोबार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पार्किंग जल्द शुरू की जाए
कारोबारी शशिपाल ने कहा कि करीब डेढ़ सप्ताह पहले पार्किंग का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन अभी तक लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिली है। इसके चलते अवैध पार्किंग की समस्या बनी हुई है। पार्किंग को जल्द से जल्द लोगों के लिए खोला जाना चाहिए।
ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी
स्थानीय दुकानदार रंजीत कुमार ने कहा कि दुकानों के सामने दिनभर वाहन अवैध रूप से पार्क किए जाते हैं। रोकने पर भी लोग वाहन खड़े कर देते हैं। इससे ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है और कारोबार पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
एफसीपीसी की बैठक में जाएगा मामला
जल्द ही यह मामला एफसीपीसी की बैठक में जाएगा, जहां आवंटन को लेकर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद पार्किंग का आवंटन कर दिया जाएगा और मरीजों व आम लोगों को सुविधा मिलेगी। रिपन अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए भी पार्किंग में कुछ वाहन खड़े करने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के डीडीयू अस्पताल से करीब सौ मीटर की दूरी पर लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए व्यावसायिक परिसर में पार्किंग की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। सात करोड़ रुपये की लागत से बने इस परिसर में 35 से 40 छोटे वाहनों को खड़ा करने की क्षमता वाली पार्किंग बनाई गई है। इसके बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
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इसकी वजह से सुबह से शाम तक सड़क किनारे और बस अड्डे पर छोटे-बड़े वाहन अवैध रूप से पार्क किए जा रहे हैं। पार्किंग का उद्घाटन 7 अक्तूबर को किया गया था। इसके बाद करीब डेढ़ सप्ताह बीत चुका है, लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। लोकल बस अड्डे पर दिनभर अवैध पार्किंग के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। शनिवार को भी मौके पर ऐसे ही हालात देखने को मिले। सड़क किनारे दोपहिया और छोटे वाहन पार्क किए गए थे। गुरुद्वारे के पास तो स्थिति यह है कि लोगों को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिलती।
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दिनभर डीडीयू अस्पताल में मरीज उपचार के लिए आते रहे, लेकिन अस्पताल के द्वार से ही वाहनों को वापस लौटा दिया जा रहा था। ऐसे में लोगों को मजबूरन सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क करने पड़ रहे थे या लिफ्ट के पास स्थित पार्किंग में वाहन खड़े करने पड़ रहे थे। इसके चलते मरीजों को अस्पताल लाने और ले जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोकल बस अड्डे के कारोबारियों को भी दुकानों के सामने होने वाली अवैध पार्किंग के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि अवैध पार्किंग की वजह से उनके कारोबार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पार्किंग जल्द शुरू की जाए
कारोबारी शशिपाल ने कहा कि करीब डेढ़ सप्ताह पहले पार्किंग का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन अभी तक लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिली है। इसके चलते अवैध पार्किंग की समस्या बनी हुई है। पार्किंग को जल्द से जल्द लोगों के लिए खोला जाना चाहिए।
ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी
स्थानीय दुकानदार रंजीत कुमार ने कहा कि दुकानों के सामने दिनभर वाहन अवैध रूप से पार्क किए जाते हैं। रोकने पर भी लोग वाहन खड़े कर देते हैं। इससे ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है और कारोबार पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।
एफसीपीसी की बैठक में जाएगा मामला
जल्द ही यह मामला एफसीपीसी की बैठक में जाएगा, जहां आवंटन को लेकर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद पार्किंग का आवंटन कर दिया जाएगा और मरीजों व आम लोगों को सुविधा मिलेगी। रिपन अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए भी पार्किंग में कुछ वाहन खड़े करने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला