5 महीने के लिए महंगी हो जाएगी ऑनलाइन शॉपिंग, ये रही वजह
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हिमाचल में ऑनलाइन शापिंग से सामान मंगवाना महंगा होने वाला है। आबकारी एवं कराधान विभाग ने ऑनलाइन माल की एंट्री पर पांच प्रतिशत तक एंट्री टैक्स लगाने की सिफारिश की है। हालांकि, प्रस्ताव पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार भी ऑनलाइन सामान के प्रदेश में आने पर टैक्स लगाने का मन बना चुकी है। यह टैक्स लगेगा तो उन कोरियर कंपनियों पर जो सामान प्रदेश में लाकर डिलीवर कर रही हैं, लेकिन इसका परोक्ष रूप से ऑर्डर करने वाले पर असर पड़ेगा।
कंपनियां बढ़ा टैक्स ग्राहकों से ही वसूल करेंगी। सरकार ने मार्च में हुए विधानसभा के सत्र के दौरान विधानसभा में एचपी टैक्स ऑन एंट्री ऑफ गुड्स बिल 2016 पेश कर ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स लगाने की घोषणा कर दी थी।
इस तारीख तक जारी रहेगा यह टैक्स
इसके बाद पिछले छह महीने से आबकारी एवं कराधान विभाग इस ऑनलाइन माल की एंट्री पर टैक्स वसूलने के लिए कवायद कर रहा है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने दो प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजे हैं।
इनमें एक में फिक्स एंट्री टैक्स को लेकर है और दूसरा सामान के अनुसार एंट्री टैक्स को लेकर है। दोनों ही प्रस्तावों में पांच प्रतिशत तक टैक्स बढ़ाने की सिफारिश है। ऐसे में अगर सरकार इसे लागू करने की मंजूरी देती है तो इसका असर आने वाले समय में ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों पर पड़ेगा।
नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि यह एंट्री टैक्स महज पांच महीने तक ही लागू रहेगा, क्योंकि तब तक प्रदेश को हो रहे नुकसान की भरपाई करनी है। इसके बाद 1 अप्रैल 2017 से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होते ही अन्य टैक्सों के साथ यह टैक्स भी खत्म हो जाएगा।