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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Entry of vehicles from other states into Himachal will become more expensive from April due to Fastag facility

Himachal: हिमाचल में बाहरी गाड़ियों की एंट्री महंगी, प्रदेश के मालवाहक वाहनों पर भी लगेगा शुल्क, जानें दरें

Thu, 19 Feb 2026 10:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 19 Feb 2026 10:40 PM IST
सार

एनएचएआई के निर्देशों पर आबकारी विभाग ने नए सिरे से वाहनों के एक्सेल के हिसाब से शुल्क तय किया है।  हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था शुरू होगी।

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Entry of vehicles from other states into Himachal will become more expensive from April due to Fastag facility
सनवारा टोल बैरियर। - फोटो : संवाद

विस्तार

फास्टैग सुविधा शुरू होने से हिमाचल प्रदेश में अप्रैल 2026 से दूसरे राज्यों के वाहनों की एंट्री महंगी हो जाएगी। दूसरे राज्यों के निजी वाहनों को अब 70 रुपये की जगह 130 रुपये प्रवेश शुल्क चुकाना होगा। छोटे मालवाहक वाहनों को 170 रुपये देने होंगे। एनएचएआई के निर्देशों पर आबकारी विभाग ने नए सिरे से वाहनों के एक्सेल के हिसाब से शुल्क तय किया है। अब हिमाचल नंबर के 20 क्विंटल भार और 7500 किलो सामान उठाने वाले वाहनों से भी वसूली होगी। पहले इन वाहनों को छूट दी गई थी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जारी हुई अधिसूचना से हिमाचल के मालवाहक वाहनों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

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1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था शुरू होगी। प्रदेश सरकार ने प्रवेश द्वारों पर वाहनों के सुगम आगमन के लिए फास्टैग से वसूली का फैसला लिया है। फास्टैग सुविधा करने के लिए एनएचआई के नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। हिमाचल में पहले वाहनों के भार के हिसाब से शुल्क तय होता था। अब एनएचआई की तर्ज पर एक्सेल के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत निजी वाहनों पर 60 रुपये टोल बैरियर शुल्क बढ़ेगा। निजी वाहन चालकों को अब 70 रुपये की जगह 130 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। 

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बड़े मालवाहक वाहनों के लिए ये रहेगा शुल्क
मार्च 2025 में सरकार ने निजी वाहनों के लिए शुल्क दस रुपये बढ़ाया था। उधर, 6 से 12 सीट वाले यात्री वाहनों को 130 रुपये और 12 से अधिक वाले वाहनों को 200 रुपये देने होंगे। बड़े मालवाहक वाहनों का 720 की जगह 900 रुपये, निर्माण कार्य की मशीनरी ले जाने वाले वाहनों का 570 की जगह 800 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। दूसरे राज्यों के नंबर वाले भारी मालवाहक वाहनों के साथ हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत इन वाहनों से भी यह शुल्क वसूला जाएगा। प्रदेश के मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क में छूट नहीं दी गई है। व्यावसायिक वाहनों से 320 की जगह 600 रुपये, 32 सीटर मिनी बस के 180 की जगह 320, डबल एक्सेल बस और ट्रक के 570 रुपये, ट्रैक्टर के 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश के 30 रुपये लगेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए प्रवेश शुल्क के आधार पर ही त्रैमासिक और सालाना पास बनाए जाएंगे। प्रदेश के 55 टोल बैरियरों के लिए कर एवं आबकारी विभाग ने प्रवेश शुल्क की दरें तय की हैं।

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टोल बैरियर नीलामी से रखा 185 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य
 हिमाचल प्रदेश में 55 टोल बैरियरों की नीलामी से सरकार ने इस बार 185 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 2026-27 में रिजर्व प्राइस 20 करोड़ रुपये अधिक रखा गया है। मेहतपुर-गगरेट बैरियर को 36.72 करोड़, बद्दी को 48.66 करोड़ और परवाणू बैरियर को 22.48 करोड़ में नीलाम किया जाएगा। शिमला के कुड्डू बैरियर का रिजर्व प्राइस 46.77 लाख रुपये, सिरमौर के चार बैरियरों का 33.94 करोड़, बिलासपुर बैरियर का 25.67 करोड़ और नूरपुर के दो बैरियरों का 17.05 करोड़ रुपये रखा गया है। बैरियर लेने वालों को अपने बजट से ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे। फास्टैग सुविधा से सात बैरियरों को जोड़ा गया है।

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