चटर-पटर इंग्लिश बोलेंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे, अंग्रेजी माध्यम में होगी पढ़ाई
निजी स्कूलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थी पहली से 8वीं तक इंग्लिश मीडियम सिलेबस पढ़ेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधनों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अब सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी।
शिक्षकों की कमी और लचर शिक्षा प्रणाली के चलते प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर उठाने व स्कूल में विद्यार्थियों को संख्या बढ़ाने के लिए नई से नई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें प्री प्राइमरी कक्षाएं और इंग्लिश मीडियम आदि योजनाएं शामिल हैं।
स्कूलों में इंग्लिश मीडियम का सिलेबस पढ़ाने के लिए अलग से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि स्कूल के उन्हीं शिक्षकों को अपना शेड्यूल तैयार कर विद्यार्थियों को इंग्लिश मीडियम पढ़ाना होगा, क्योंकि इच्छा जाहिर करने वाले विद्यार्थियों को ही इंग्लिश मीडियम सिलेबस पढ़ाया जाएगा।
अन्य विद्यार्थियों को हिंदी विषय का पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक संदीप कुमार ने बताया कि विभाग के निर्देशों के अनुसार सत्र 2019-20 के शुभारंभ पर हर स्कूल में पहली से पांचवीं और छठीं से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को इंग्लिश मीडियम सिलेबस पढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा। हालांकि इंग्लिश मीडियम उन स्कूलों में ही पढ़ाया जाएगा।
जिन स्कूलों में विद्यार्थी, अभिभावक व एसएमसी इच्छा जाहिर करेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अंब के अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गी ने कहा कि अगर सरकार की ओर से प्राथमिक स्कूलों में इंग्लिश मीडियम सिलेबस की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी तो इच्छुक विद्यार्थियों को इसका लाभ देने के लिए शिक्षक भी आगे आएंगे।