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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   English couple arrived in Shimla to obtain their grandmother's death certificate, which was passed away in 189

Shimla: दादी का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने शिमला पहुंचा इंग्लैंड का दंपती, 1894 में हुई थी मौत, जानें पूरा मामला

Mon, 23 Feb 2026 08:21 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 23 Feb 2026 08:21 PM IST
सार

 इंग्लैंड के रहने वाले दंपती टैली ब्लेसवैथ ने बताया कि उनकी दादी एलिजाबेथ ह्यूज की मौत शिमला में हुई थी। वह ब्रिटिशकाल  में सेना में ड्यूटी देती थी।

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English couple arrived in Shimla to obtain their grandmother's death certificate, which was passed away in 189
दादी का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने शिमला पहुंचा इंग्लैंड का दंपती। - फोटो : संवाद

विस्तार

अपनी दादी का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए इंग्लैंड का एक दंपती सोमवार को नगर निगम शिमला पहुंचा। दंपती ने यहां पर अपनी दादी का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए निगम में आवेदन किया। इंग्लैंड के रहने वाले दंपती टैली ब्लेसवैथ ने बताया कि उनकी दादी एलिजाबेथ ह्यूज की मौत शिमला में हुई थी। वह ब्रिटिशकाल  में सेना में ड्यूटी देती थी। वहीं 1894 में उनकी मौत हुई थी। लिहाजा आवेदन के बाद नगर निगम ने रिकाॅर्ड की जांच करवाई। ब्रिटिशकाल में ग्रीष्मकालीन राजधानी में अंग्रेज अधिकारी व उनके परिवार के सदस्य यहां पर रहते थे। ऐसे में उनके जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र का पूरा रिकाॅर्ड आज भी निगम के पास मौजूद है। यहीं वजह है कि जब सोमवार को इंग्लैंड के दंपती टैली ब्लेसवैथ नगर निगम में दादी का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने आए तो निगम की स्वास्थ्य शाखा ने उनके रिकाॅर्ड ढूंढने में मदद की।

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इस दौरान निगम के स्वास्थ्य शाखा की टीम ने जब रिकाॅर्ड में जांच की तो  दंपती ने जो तिथि बताई थी उसमें वह रिकाॅर्ड नहीं मिला। इसके बाद 1893 और 1895 का भी रिकाॅर्ड भी तलाशा। लेकिन उसमें भी उसका रिकाॅर्ड नहीं मिला। उधर, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने बताया कि जिस महिला की मौत के बाद दंपती रिकाॅर्ड लेने शिमला आया था, उक्त महिला की मौत शिमला में नहीं हुई । हो सकता है कि उनकी माैत किसी अन्य स्थान पर मौत हुई हो। हालांकि, अगर आने वाले दिनों में कोई जानकारी प्राप्त होती है तो संबंधित दंपती को कॉल करके सूचित किया जाएगा।  ब्रिटिशकाल का रिकाॅर्ड नगर निगम के पास 1870 से मौजूद है। यह रिकॉर्ड डिजिटाइज है।  इस तरह से रिकाॅर्ड ढूंढने में आसानी हो रही है। 

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