इंजीनियरिंग की टॉपर ने मोदी से मांगी इच्छा मृत्यु!
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इस मौके पर उनके साथ पूर्व विधायक प्रवीण कुमार भी थे। सीमा पिछले 25 सालों से जोड़ों के दर्द से जूझ रही है और अब हालात यह है कि वह न ही चल सकती है और न उठ सकती है। सीमा को बीमारी ने इस कदर घेर लिया है कि वह अब वह अपने हाथों से खाना भी नहीं खा सकती है।
ऐसे में उसका जीवन एक चुनौती बनकर रह गया है। सीमा ने इससे पहले पूर्व भाजपा सरकार के समय भी मरने की इच्छा जताई थी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने पालमपुर के पूर्व विधायक के माध्यम से सीमा को इलाज के लिए करीब 9 लाख रुपये की सहायता दी थी।
हर जगह करवाया ईलाज नहीं हुआ फायदा
चंडीगढ़ के फोर्टिस अस्पताल में सीमा का इलाज हुआ था, लेकिन कोई फायदा नहीं है। अब युवती की हालत आए दिन बिगड़ रही है। देखभाल करने वाली सीमा की माता भी बिस्तर पर हो गई है। ऐसे में अब सीमा की देखभाल करने में भी उसकी मां असमर्थ है। यही वजह है कि सीमा ने इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है।
इससे तंग सीमा ने पीएम मोदी से मौत की इच्छा या जीने का अधिकार देने की गुहार लगाई है। शांता ने कहा कि सीमा के इलाज के लिए सरकार से बात की जाएगी। इस मसले को प्रधानमंत्री से भी उठाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इच्छा मृत्यु को लेकर देश में लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है।
देश की सर्वोच्च अदालत भी इस मसले पर सुनवाई कर चुकी है लेकिन कानून के तहत इच्छा मृत्यु को लेकर किसी भी तरह के प्रावधान को लेकर इंकार कर चुकी है।