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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Encroachments, 421 people occupy more than 10 bighas of forest land in Jubbal

Forest Land Encroachments: हिमाचल के जुब्बल में 421 लोगों का 10-10 बीघा से अधिक वन भूमि पर कब्जा

Sat, 24 Sep 2022 10:35 AM IST
Krishan Singh पुष्पेन्द्र वर्मा, शिमला
पुष्पेन्द्र वर्मा, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 24 Sep 2022 10:35 AM IST
सार

शिमला जिले के जुब्बल में वन भूमि पर किए गए कब्जों के मामले में वन विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को रिपोर्ट सौंपी है।

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Encroachments, 421 people occupy more than 10 bighas of forest land in Jubbal
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल - फोटो : PTI

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुब्बल में वन भूमि पर किए गए कब्जों के मामले में वन विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें बताया गया कि रोहड़ू वन मंडल में 444 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा करने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। 30 जून 2022 तक 421 लोगों ने 10-10 बीघा से अधिक वन भूमि पर कब्जा किया है। एनजीटी को बताया गया कि 452 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जाधारियों के खिलाफ बेदखली आदेश पारित किए गए हैं। इनमें से 441 हेक्टेयर वन भूमि से कब्जे छुड़ा लिए हैं। दस बीघा से कम भूमि पर भी लोगों ने कब्जे किए थे।

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जो कुल 465 हेक्टेयर वन भूमि ऐसी थी। इसमें से 453 हेक्टेयर से कब्जे हटा दिए गए हैं। इसके अलावा कब्जा करने वाले 1,650 लोगों के खिलाफ अदालत में मामले लंबित हैं। इसमें 203 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। 1,075 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जों के नियमितीकरण के लिए 3,082 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जुब्बल निवासी कुलतार सिंह के लिखे पत्र पर एनजीटी ने कड़ा संज्ञान लिया है। याचिकाकर्ता ने पत्र में आरोप लगाया है कि जुब्बल क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जे किए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत इन कब्जों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इस मुहिम को बंद कर दिया गया। एनजीटी ने पाया था कि आरोप गंभीर हैं। एनजीटी ने 7 जुलाई 2022 के संयुक्त कमेटी को आदेश दिए थे कि वह याचिकाकर्ता के आरोपों की जांच करे और कानूनी तौर पर आवश्यक कदम उठाए।
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याचिकाकर्ता को पेड़ लगाने के लिए खड़ापत्थर में चिह्नित करनी पड़ी जमीन
याचिकाकर्ता कुलतार सिंह ने शिकायत में कहा था कि वह वन भूमि पर सदाबहार पेड़ लगाना चाहता है, लेकिन कब्जों के चलते वन विभाग भूमि मुहैया नहीं करवा पा रहा है। अब वन विभाग ने याचिकाकर्ता को सदाबहार पेड़ लगाने के लिए जुब्बल के बजाय खड़ापत्थर में 45 बीघा वन भूमि चिह्नित की है। साथ ही पेड़ लगाने में सहयोग की पेशकश भी की है। 

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