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कर्मचारी महासंघ ने दिया 10 फरवरी तक अल्टीमेटम
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 28 Jan 2016 06:09 PM IST
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प्रदेश गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री को कर्मचारी हितैषी और आला अफसरों को सरकार विरोधी बताया है। वीरवार को शिक्षा निदेशालय में महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक में अफसरों पर कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया गया। कहा कि अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगामी विधानसभा सत्र का कर्मचारी पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
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विधानसभा चुनावों के बहिष्कार करने का फैसला फिलहाल नहीं लिया गया। बैठक की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने की। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा ने आठ अक्तूबर को मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक मांगे पूरी नहीं हुई हैं। कहा कि मुख्यमंत्री तो कर्मचारी हितैषी हैं, लेकिन आला अधिकारी कर्मचारियों की किसी भी मांग को गंभीरता से नहीं लेते।
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कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा को दस फरवरी तक 11 सूत्रीय मांगपत्र को पूरा करने की मोहलत दी गई है। अगर तय समय तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो बजट सत्र का बहिष्कार किया जाएगा। महासंघ ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच खाई पैदा करने को यह षड्यंत्र रचा जा रहा है। निदेशक सरकार विरोधी कार्य कर रहे हैं।
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बैठक में महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालकृष्ण कपूर, सोलन के प्रधान टिकम ठाकुर, ऊना से पवन शर्मा, बिलासपुर से सुनील गौतम, हमीरपुर से सोमनाथ जगोता, कांगड़ा से उदय राणा, मंडी से दिनेश शर्मा, नाहन से संजीव तनेजा, शिमला से दयानंद, अश्वनी ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, राजेंद्र तपवाल, कमला ठाकुर, निर्मल भंडारी, सुनीता रोंगटा, पंकज चौहान और सतीश ठाकुर सहित कई अन्य गैर शिक्षक कर्मचारी मौजूदरहे।
गैर शिक्षकों की मांगें
- खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में 117 पद अधीक्षक ग्रेड एक के पद सृजित/पदोन्नत किए गए थे। इन्हें भरा जाए।
- रूसा प्रणाली शुरू होने से शिक्षा निदेशालय में अधीक्षक ग्रेड एक का एक पद, वरिष्ठ सहायकों के तीन पद और लिपिक के पांच पद तथा हर कॉलेज में अधीक्षक ग्रेड एक का एक पद और वरिष्ठ सहायकों के तीन पद सृजित किए जाएं।
- प्रदेश के 413 स्कूलों में अधीक्षक ग्रेड दो, वरिष्ठ सहायक और अन्य गैर शिक्षकों के करीब 3020 पदों को सृजित किया जाए।
- प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में खाली लगभग 2000 लिपिकों के पदों को भरा जाए।
- स्कूलों में कार्यरत प्रयोगशाला परिचरों को जोकि लिपिको के लिए पात्र हैं, को वन टाइम रिलेक्सेशन देकर लिपिक बनाया जाए। प्रयोगशाला परिचरों को लिपिकों के समान संशोधित ग्रेड पे दिया जाए।
- अनुबंध आधार पर कार्यरत लिपिकों को पंजाब की तर्ज पर वेतनमान दिया जाए।
- पार्ट टाइम जलवाहकों की दैनिक वेतन भोगी समय सीमा नौ वर्ष से घटाकर पांच वर्ष किया जाए। तीन वर्ष बाद उन्हें स्थायी किया जाए।
- प्रशासनिक अधिकारी/रजिस्ट्रार/अनुभाग अधिकारी की पदोन्नति की जाए। आरएंडपी नियमों में छूट देकर पदों को भरा जाए।
- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में सफाई व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
- सभी खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों में चौकीदार और सफाई कर्मचारियों के पद सृजित किए जाएं।
- उच्च शिक्षा तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग में गैर शिक्षकों के पदों का 68:32 के हिसाब से विभाजन हुआ है। इसके मुताबिक पदों की स्थिति को स्पष्ट किया जाए।