Himachal News: बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के कर्मी 58 वर्ष की आयु में ही होंगे सेवानिवृत्त
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी 58 वर्ष की आयु में ही होंगे सेवानिवृत्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के निर्णय पर अपनी मुहर लगाते हुए कर्मचारी की अपील को खारिज कर दिया है।
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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी 58 वर्ष की आयु में ही होंगे सेवानिवृत्त होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट के निर्णय पर अपनी मुहर लगाते हुए कर्मचारी की अपील को खारिज कर दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी देवेंद्र सिंह के सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष किए जाने के आग्रह को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ता बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका के माध्यम से सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष करने की गुहार लगाई थी। दलील दी गई थी कि मंदिर ट्रस्ट ने 16 नवंबर 1991 को कर्मचारियों की सेवा संबंधी शर्तों को तय करने के लिए नियम बनाए थे। इन नियमों में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की गई थी, लेकिन 2001 में नियमों में संशोधन कर सेवानिवृत्ति आयु सीमा को दोबारा से घटाकर 58 वर्ष कर दिया गया।
22 नवंबर 2021 को कमेटी ने आयु सीमा 60 वर्ष किए जाने की सिफारिश की थी। याचिकाकर्ता ने इन सिफारिशों में 60 वर्ष की आयु तक सेवा किए जाने की गुहार लगाई थी। अदालत ने अपने निर्णय में कहा था कि सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष किया जाने की मांग मंदिर ट्रस्ट के नियमों के विपरीत है। अदालत को बताया गया था कि कुछ कर्मचारियों को अदालत ने अंतरिम आदेश पारित करने हुए 60 वर्ष की आयु तक सेवा करने के आदेश पारित किए हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता की इस दलील को ठुकराते हुए कहा था कि इसके अलावा याचिकाकर्ता 58 वर्ष से अधिक की आयु तक वेतन का हकदार होगा, हालांकि उसने उस अवधि में कोई काम नहीं किया है। जबकि वह 58 वर्ष से अधिक कार्य करने में रुचि ले रहा था। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को नियमों के अनुसार 58 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त किया जाता है तो उस स्थिति में उसे कोई अपूरणीय नुकसान नहीं होगा।