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हिमाचल: बिजली महापंचायत में गरजे बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर, इन मांगों को उठाया

Wed, 02 Apr 2025 03:26 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Wed, 02 Apr 2025 03:26 PM IST
सार

बिजली महापंचायत में राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर सरकार और बोर्ड प्रबंधन पर जमकर के गरजे। महापंचायत में बोर्ड के कर्मचारियों, पेंशनरों के मुद्दों सहित विमल नेगी की मौत का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। 

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Employees and pensioners of the board roared in the electricity mahapanchayat and raised these demands
बिलासपुर में बिजली महापंचायत । - फोटो : संवाद

विस्तार

बिलासपुर में चल रही बिजली महापंचायत में राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर सरकार और बोर्ड प्रबंधन पर जमकर के गरजे। महापंचायत में बोर्ड के कर्मचारियों, पेंशनरों के मुद्दों सहित विमल नेगी की मौत का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। संघर्ष समिति के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि युक्तिकरण के नाम कर्मचारियों को तंग किया जा रहा है। आज बोर्ड की कर्मचारियों की संख्या मात्र 13 हजार रह गई है और बोर्ड प्रबंधन कह रहा रहा कि बोर्ड में कर्मचारी ज्यादा हैं। आज बोर्ड की वित्तीय की हालत ठीक नहीं है।

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1000 करोड़ रुपये बोर्ड को सरकार की ओर से देना है। यदि यह रकम को सरकार नहीं देती तो बोर्ड की सभी वित्तीय समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। आज बिजली बोर्ड का 50 हजार लोगों का परिवार है और कठिन दौर से गुजर रहे है। उन्होंने बोर्ड के कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन देने की मांग की। आउटसोर्स के कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने व आउटसोर्स की भर्ती बंद करने की मांग रखी। आगामी सभी नियमित भर्तियां  करने व पेंशनरों के वित्तीय लाभ दिए जाए। उन्होंने बताया कि इस मांगों को लेकर जल्द ही जिला स्तर भी पंचायतें की जाएंगी। इनके अलावा अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।

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 महापंचायत के बाद मांगों को लेकर सड़क पर उतरे विद्युत बोर्ड कर्मचारी 
 
बिलासपुर में हुई बिजली महापंचायत के बाद विद्युत बोर्ड के कर्मचारी और पेंशनर मांगो को लेकर सड़क पर उतरे। कर्मचारियों और पेंशनरों से कन्या पाठशाला बिलासपुर से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकला। इस दौरान सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारे बाजी की गई। विमल नेगी अमर रहे के नारे भी लगाए गए। अंत में उपायुक्त को ज्ञापन भी दिया गया।


 

बिजली बोर्ड में केंद्रीयकृत प्रणाली से होंगे वेतन और दूसरे भुगतान
उधर, राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए वेतन और अन्य भुगतानों के लिए समयबद्ध केंद्रीयकृत प्रणाली का शुभारंभ किया है। इस प्रणाली सुविधा का परिचालन अब बोर्ड स्तर पर एक ही जगह मुख्यालय वित्त प्रभाग स्तर पर किया जाएगा। बोर्ड मुख्यालय विद्युत भवन शिमला में बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने केक काटकर केंद्रीयकरण भुगतान प्रणाली का शुभारंभ किया। गुप्ता ने कहा कि इस सुविधा से बिजली बोर्ड के कर्माचारियों, अधिकारियों व अन्य प्रकार के भुगतान समय पर होंगे और काम में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने इस प्रणाली के बोर्ड में शुरू हो जाने को बोर्ड की वित्तीय स्थिति में आत्मनिर्भरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस प्रणाली को अपनाने से कर्मचारियों, पेंशनरों के मासिक वेतन अन्य भत्ते तथा करों आदि के सभी प्रकार के भुगतानों की प्रक्रिया अब केंद्रीय स्तर पर सूचना तकनीक से मुख्यालय स्तर से ही हो पाएगी। यह सुविधा शुरू होने से विद्युत बोर्ड में कार्यरत सभी अराजपत्रित 11,916 कर्मचारियों, 1,319 राजपत्रित अधिकारियों और 28,952 पेंशनधारकों को समयबद्ध, कंप्यूटरीकृत ईआरपी व सैप के माध्यम से सुविधा प्राप्त हो गई है। फील्ड में कार्यरत 121 आहरण व संवितरण अधिकारियों को भी इन कार्यों से निजात मिल गई है।

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