कर्मचारियों ने दी ऐसी नसीहत, मंत्री भी शरमा जाएंगे
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सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन को राज्य के मंत्रियों की महंगी गाड़ियां खटक गई हैं। उनकी ओर से तर्क दिया जा रहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी आठ से 12 लाख तक की गाड़ियों पर चल सकते हैं तो फिर प्रदेश सरकार के मंत्री क्यों नहीं। प्रदेश्ा सरकार के खर्चे कम करने की मुहिम पर कर्मचारियों सरकार को ऐसी नसीहत दी है कि प्रदेश के मंत्रियों और अफसर सोचने पर मजबूर हो जाएंगे।
उनके लिए सरकार ने 27-27 लाख की गाड़ियां क्यों खरीदी हैं। संगठन के वरिष्ठ उपप्रधान संजीव शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की छोटी-छोटी मांगें तक नहीं मान रही है।
कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं, लेकिन सरकार के मंत्री 27-27 लाख की गाड़ियों में चल रहे हैं।
कर्मचारियों की छोटी मांगों पर भी आनाकानी
सरकार के अफसर लाखों रुपये हर साल यात्रा में उड़ा रहे हैं। इन पर जब तक लगाम नहीं लगेगी, तब तक प्रदेश सरकार की स्थिति ठीक नहीं हो सकती है। कर्मचारियों की छोटी मांगें मानने पर भी सरकार की ओर से आनाकानी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक करने के लिए मंत्रियों और अफसरों को खुद से शुरुआत करनी होगी। इसके बाद ही कर्मचारियों और अन्य वर्गों को पैसे की बचत करने का संदेश देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार की वित्तीय हालत सुधारने के लिए कर्मचारियों और जनता से सुझाव मांगे गए थे।
इन सुझावों ने प्रदेश सरकार को ही मुश्किल में डाल दिया है। खुद फिजूल खर्च कर रही सरकार को जनता ने अपने से ही शुरूआत करने की नसीहत दी है।