भारी बारिश से बिजली उत्पादन ठप, उत्तर भारत में हो सकता है संकट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में भारी बारिश के कारण सतलुज नदी में गाद की मात्रा बढ़ने से 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी, 412 मेगावाट के रामपुर हाइडल और 1200 मेगावाट के कड़छम वांगतू बिजली प्रोजेक्ट में शुक्रवार सुबह दस बजे से बिजली उत्पादन ठप हो गया है।
इन प्रोजेक्टों में बिजली उत्पादन बंद होने से उत्तर भारत में बिजली संकट हो सकता है। उत्तर भारत के नौ राज्यों को यहां से विद्युत आपूर्ति की जाती है। राज्य के विभिन्न भागों में भारी बारिश से सतलुज नदी में भारी मात्रा में गाद आनी शुरू हो गई है।
इससे सतलुज पर बने तीन बिजली प्रोजेक्टों में विद्युत उत्पादन रोक दिया है, ताकि प्रोजेक्टों की टरबाइनों पर विपरीत असर न पड़े। सबसे बड़े 1500 मेगावाट के नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट पर भी असर पड़ा है। गाद बढ़ने से शुक्रवार सुबह 10 बजे से टरबाइनें रोक दी गईं।
बाकी प्रोजेक्टों में भी उत्पादन ठप, बढ़ सकता है संकट
इससे बिजली उत्पादन बंद हो गया है। 412 मेगावाट के रामपुर बिजली प्रोजेक्ट सहित 1200 मेगावाट के कड़छम वांगतू प्रोजेक्ट में भी उत्पादन बंद हो गया है। तीनों बिजली परियोजनाओं में उत्पादन बंद होने से 3100 मेगावाट बिजली पैदावार बाधित हुई है।
एसजेवीएनएल के नाथपा झाकड़ी बिजली प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक संजीव सूद ने बताया कि सतलुज नदी में गाद की मात्रा बढ़ने पर शुक्रवार सुबह 10 बजे से प्रोजेक्ट की टरबाइनों को रोक दिया गया। बिजली उत्पादन पूरी तरह से बंद हैं।
कहा कि रामपुर और कड़छम वांगतू बिजली प्रोजेक्टों में भी बिजली उत्पादन बंद है। सतलुज में सुबह दस बजे 27000 पीपीएम गाद होने के कारण बिजली का उत्पादन रोक दिया गया था।