विस चुनावः नई वीवीपैट मशीनों की खराबी जांचने में जुटा चुनाव आयोग
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प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए 9 नवंबर को हुए मतदान के दौरान पहली बार इस्तेमाल की गईं वीवीपैट मशीनों की गड़बड़ी पर चुनाव आयोग एक्टिव हो गया है।
आयोग ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से और जिलों में तैनात तकनीकी टीमों से वीवीपैट मशीनें खराब होने की मुकम्मल जानकारी मांगी है।दरअसल, हिमाचल की 68 विधानसभा सीटों के लिए प्रदेश में 7525 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
इनमें 11,283 बैलेट और 9809 कंट्रोल यूनिटों के अलावा 11 हजार 50 वीवीपैट मशीनें इस्तेमाल की गई थीं। मतदान के दिन वोटिंग से पहले किए गए ट्रायल के दौरान कई वीवीपैट मशीनें खराब हो गईं। इसके बाद मतदान शुरू होने पर भी वीवीपैट मशीनें खराब होने का क्रम जारी रहा।
वीवीपैट की इस गड़बड़ी की वजह से मतदान भी प्रभावित हुआ। चूंकि गुजरात में हिमाचल से ज्यादा सीटों और मतदान केंद्रों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होना है। ऐसे में हिमाचल में हुई गड़बड़ी और खराबी से सबक लेते हुए आयोग गुजरात चुनावों के दौरान और सुधार करने की कोशिश कर रहा है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि आयोग को वीवीपैट और ईवीएम खराब होने की जानकारी भेज दी गई है। खराबी के कारणों का पता तकनीकी टीम के निरीक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा।
कई वीवीपैट सील, मतगणना के बाद पता चलेगा कारण
बड़ी संख्या में खराब होने वाली वीवीपैट मशीनों में से कई ऐसी हैं, जिनका कुछ समय तक मतदान के लिए इस्तेमाल हुआ और उसके बाद वह खराब हो गईं। उन्हें सही मशीनों से बदल तो लिया गया, लेकिन मतदान का हिस्सा होने के चलते उन्हें सील कर दिया गया।
चुनाव विभाग के सूत्रों की मानें तो सील मशीनों की खराबी का कारण मतगणना के बाद ही सामने आ सकेगा। यही कारण है कि ट्रायल मतदान और मतदान शुरू होते ही खराब हुईं मशीनों की ही खराबी ढूंढने की कोशिश की जा रही है।
फेल हो गया था वेब कास्टिंग सिस्टम
मशीनें फेल होने के अलावा हिमाचल चुनाव में पहली बार की गई वेब कास्टिंग भी फेल हो गई। चुनाव विभाग के सूत्रों के अनुसार अस्सी फीसदी जगह वेब कास्टिंग नहीं हो सकी। इसके अलावा बीस फीसदी जगहों पर जहां हुई वहां कैमरे या तो ऐसी जगह लगे थे जहां से मतदाता किस पार्टी-प्रत्याशी को मत दे रहा है यह दिख रहा था या फिर सीधे वोटिंग मशीन के आसपास ही लगा दिया गया था। इसकी वजह से उन जगहों पर भी वेब कास्टिंग पूरी तरह फेल ही रही।