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सरकार का लाखों रुपया डकार गए आपके नुमाइंदे

Thu, 04 Sep 2014 10:51 AM IST
Updated Thu, 04 Sep 2014 10:51 AM IST
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elected member of panchayat misused govt fund

हिमाचल के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का विकास कार्य करवाने का तौर तरीका तो देखिए। बीते पांच वर्षों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से जारी 558 करोड़ रुपये जारी किए गए।

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इसमें करीब 30 फीसदी राशि ऐसे कार्यों के लिए जारी कर दी, जहां विकास कार्य या तो होने ही नहीं थे या फिर वहां हो ही नहीं सकते थे। ये पैसा सड़क, रेन शेल्टर, रास्ते को पक्का करने और डंगे के निर्माण आदि कार्यों के लिए जारी किया गया था।
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विकास कार्य न होने पर लोगों ने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई। सरकार के पास ऐसी 150 से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। ऐसे में अब सरकार इनकी जांच करवाने जा रही है।
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सरकार ने दिए जांच के निर्देश

elected member of panchayat misused govt fund

मामला सामने आने पर अब पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय सूत्रों से पता चला है कि बीते साल जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों ने अपने स्तर पर विकास को पैसा जारी कर दिया। यह नहीं देखा गया कि वहां निर्माण या जमीन को लेकर कोई अड़चन तो नहीं है।

अनिल शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार के पास लगातार आ रही शिकायतों के चलते विकास कार्यों के लिए अब नई गाइडलाइन जारी की हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब गांव में जो भी कार्य होंगे, उसके लिए केस को पहले हाउस में ले जाना होगा।

अगर कार्य में वन विभाग की जमीन व पेड़ आड़े आ रहे हैं तो उसकी क्लीयरेंस लेनी होगी। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही प्रदेश सरकार राशि जारी करेगी।

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