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ईद पर जेएंडके से मायके नहीं आ पाएंगी किलोड़ पंचायत की बेटियां

Sun, 11 Aug 2019 12:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर ताजदीन खान, अमर उजाला, किहार (चंबा)
ताजदीन खान, अमर उजाला, किहार (चंबा) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 11 Aug 2019 12:25 PM IST
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Eid ul-Adha 2019 in chamba himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

ईद के मौके पर किलोड़ और सनूंह की एक दर्जन विवाहिताएं इस बार अपने मायके नहीं पहुंच पाएंगी। साथ ही काम के सिलसिले में पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर में गए लोगों की ईद पर वापसी भी मुश्किल है। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर में उपजे हालात के चलते ईद फीकी रह सकती है। ईद के पावन मौके पर अपनी बेटियों और दामाद से मिलने के लिए मायके पक्ष के लोग काफी उत्साहित रहते हैं। लेकिन, इस मर्तबा किहार सेक्टर के अधीन आने वाली किलोड़ और सनूंह पंचायतों से ताल्लुक रखने वाले मायके पक्ष के लोगों को विरह वेदना में रहना होगा।

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जानकारी के अनुसार सनूंह पंचायत के गांव जुआंस की रहने वाली शमीन बेगम वर्तमान समय में जेएंडके के कठुआ जिले में बनी तहसील के लोआंग में अपने परिवार सहित रह रही है। राबिया की शादी भद्रवाह में हुई है। लेकिन, ईद के मौके पर वह मायके नहीं पहुंच पाएगी। इसके अलावा त्रिभोल निवासी शमीन खान पत्नी इनायत की शादी भलेट में हुई है। उसके पति इनायत पेशे से चिकित्सक हैं।

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शमीन खान जम्मू के एक विद्यालय में बतौर मुख्याध्यापिका कार्यरत हैं। वहीं किलोड़ पंचायत के गांव त्रिभोल से ताल्लुक रखने वाले शहनवाज खान भी जम्मू में ही हैं। पेशे से संवाददाता शहनवाज की पत्नी राहिला बेगम पति के लौटने का इंतजार कर रही थीं। वहीं, किलोड़ के गांव त्रिभोल निवासी यासिर जरगर पुत्र हुसैन जरगर, सलीम अख्तर पुत्र फकीर मोहम्मद पत्नी शाजिया बेगम, आमिर अली पुत्र लियाकत अली, एजाज पुत्र युनिस मोहम्मद सभी लोग कश्मीर के कंगन क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

किलोड़ पंचायत के गांव त्रिभोल का एक पूरा परिवार कश्मीर के कंगन में ही फंसा हुआ है। शौकत अली की पत्नी शबनम बेगम जम्मू के एक विद्यालय में कार्यरत हैं। अपनी पत्नी से मिलने के लिए शौकत अपनी मां देगा बेगम, बेटा फेहरोज, बेटी सानिया के साथ गए थे। लेकिन, हालात बदलते ही वे वहीं पर ही फंस कर रह गए हैं।

बकरों के रेट
एक वर्ष का बकरा पांच हजार से दस हजार रुपये में बिक रहा है। दो वर्ष का बकरा दस से पंद्रह हजार रुपये में बेचा जा रहा है। किहार सेक्टर में 15 हजार रुपये का सबसे महंगा बकरा अब तक बिका है। 

किलोड़ पंचायत प्रधान सपना शर्मा ने बताया कि पड़ोसी राज्य में बदलते हालात के चलते पहली बार ईद के मौके पर एक दर्जन विवाहिताएं अपने मायके में त्योहार नहीं मना पाएंगी। ईद के मौके पर मायके पक्ष के लोगों को बेटियों के घर आगमन का बड़ी बेताबी से इंतजार रहता है।

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