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फाइलों में दबे प्रोजेक्ट की होगी समीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 16 Nov 2014 12:27 PM IST
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ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट को लेकर नगर निगम में 18 नवंबर को विशेष बैठक होगी। बैठक में वर्ष 2010 से फाइलों में घूम रहे इस प्रोजेक्ट को लेकर आयुक्त पंकज राय, नगर निगम, आईटी विभाग और प्रोजेक्ट का टेंडर लेने वाली कंपनी के साथ चर्चा करेंगे। प्रोजेक्ट निगम अफसरों की लापरवाही के चलते शुरू नहीं हो पा रहा है।
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टेंडर अवार्ड होने के चार महीने बाद भी कंपनी के साथ ऐग्रीमेंट नहीं हुआ है। ऐग्रीमेंट होने के बाद ही कंपनी डाटा साफ्टवेयर तैयार करेगी। डाटा ऑपरेटिंग में दो से तीन महीने लगेंगे। इसके बाद प्रोजेक्ट शुरू होगा। नगर निगम को आनलाइन करने के प्रोजेक्ट का टेंडर चार माह पूर्व अवार्ड कर दिया गया है, लेकिन अभी तक कंपनी के साथ ऐग्रीमेंट नहीं हुआ है। अगर इस प्रोजेक्ट पर भी नगर निगम ने सुस्त रवैया अपनाए रखा तो केंद्र सरकार से मंजूर 2.50 करोड़ लौटाने पड़ सकते हैं।
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साल 2010 से फाइलों में दौड़ रहा ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट जुलाई 2014 में एबीएम कंपनी को अवार्ड किया गया है, लेकिन, टेंडर अवार्ड करने के बाद से नगर निगम ऐग्रीमेंट के कागजात तैयार नहीं कर पाया है। कंपनी से ऐग्रीमेंट करने में हो रही देरी के चलते शहर के लिए महत्वाकांक्षी ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट भी नॉन स्ट्राटर में जा सकता है।
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केंद्र सरकार की जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण योजना के तहत ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम को 11 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। 2.50 करोड़ की पहली किश्त नगर निगम को प्राप्त भी हो चुकी है। प्रोजेक्ट में निगम के मुख्य कार्यालय सहित वार्ड कार्यालयों का कंप्यूटरीकरण होना है।
एक क्लिक पर जमा होगा पानी का बिल
ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद नगर निगम से जुड़ा हर छोटा-बड़ा काम आप घर बैठे कर सकेंगे। जरूरत होगी सिर्फ कंप्यूटर सिस्टम और इंटरनेट कनेक्शन की। प्रोजेक्ट के लिए तैयार किए गए मसौदे के तहत 15 मिनट में पानी बिल और हाउस टैक्स जमा किया जाएगा। आनलाइन ही बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट उपलब्ध होगा। नगर निगम से जुड़ी शिकायतों का निवारण सात दिन के भीतर किया जाएगा। नक्शों की स्वीकृति सात से लेकर पंद्रह दिन के भीतर दी जाएगी। कारोबारियों को नए फूड, पीएफए, नॉन पीएफए लाइसेंस सात दिन के भीतर बनाकर दिए जाएंगे। उनका नवीनीकरण पंद्रह दिन में होगा।
आनलाइन दर्ज होंगी शिकायतें
नगर निगम से संबंधित शिकायतों को भी आनलाइन दर्ज कराया जा सकेगा। इसके लिए शहर के लोगों को म्युनिसिपल अकाउंट नंबर दिया जाएगा। उस नंबर से ही लोग अपने बिलों और टैक्स का भुगतान करेंगे। योजना के चालू होने के बाद शहर के लोग नगर निगम से जुड़े अपने कामकाज का स्टेटस भी आनलाइन जांच सकेंगे।