Himachal News: 25 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले स्कूलों में एक्सट्रा क्लास, विभागीय समीक्षा बैठक में फैसला
रोहित ठाकुर ने मंगलवार को शिमला सचिवालय में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।
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हिमाचल प्रदेश में 25 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों में अब विद्यार्थियों की एक्सट्रा क्लास लगेगी। वार्षिक परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को तैयार करने के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह फैसला लिया है। इसी कड़ी में शिक्षकों को सौंपे गैर शैक्षणिक कार्य भी कम किए जाएंगे। इन कार्यों को सरल करने की संभावनाओं को तलाशने के लिए उप निदेशकों से 10 दिनों के भीतर सुझाव देने को कहा गया है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि गैर शिक्षण कार्यों का दबाव कम करने के बाद शिक्षकों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बीएड/डीएलएड विद्यार्थियों को उनके पैतृक स्थान में शैक्षणिक पद्धतियों का अभ्यास करने के लिए भेजा जाएगा। एक स्कूल में पांच से अधिक बीएड/डीएलएड विद्यार्थियों को नहीं भेजा जाएगा। बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने तथा स्कूल के संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कॉम्पलेक्स स्कूल प्रणाली को शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा मर्ज किए गए स्कूलों के विद्यार्थियों को समीपवर्ती स्कूलों में दाखिला दिलवाना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने उप-निदेशकों को सत्र के दौरान नियमित रूप से स्कूलों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को भी सहयोगी बनाया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य कार्यक्रम अधिकारी एनएचएम डॉ. रविंद्र कुमार ने प्रस्तुति भी दी।
राज्य में 94.46 करोड़ रुपये की लागत से 42 स्थानों पर डे-बोर्डिंग स्कूलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 100 विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार द्वारा 45 स्कूलों को एफिलिएटिड किया गया है। इन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए विषय विशेषज्ञ अध्यापक नियुक्त किए जाएंगे। बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, शिक्षा विभाग तथा हिमुडा के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों को प्रताड़ित करने वाले अध्यापकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्रदेश में बीते दिनों सामने आए इस प्रकार के मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों को लेकर जीरो टाॅलरेंस की नीति अपनाई जाए। उन्होंने प्रधानाचार्यों को प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च कॉम्पलेक्स स्कूल प्रणाली के तहत आने वाले स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। अध्यापकों को इस प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान करने के लिए जिला स्तर पर सम्मेलन आयोजित करवाने को भी कहा।
रोहित ठाकुर ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान प्रदेश के लगभग 1411 शैक्षणिक संस्थानों में 126.73 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। आपदा प्रभावित स्कूल भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए उपनिदेशकों को इनके पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए हिमुडा को धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बच्चों की सुविधा के लिए हिमुडा के अधिकारियों को इन कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए है।