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वन भूमि कब्जाने वालों पर अब ईडी का शिकंजा, रिकॉर्ड तलब

Tue, 30 Oct 2018 11:11 AM IST
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 30 Oct 2018 11:11 AM IST
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ed inquiry against forest land encroachers in himachal

वन भूमि कब्जा कर लाखों-करोड़ों कमाने वालों पर वन विभाग की कुल्हाड़ी चलने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निदेशालय ने वन विभाग से उन सभी अवैध कब्जाधारकों का ब्यौरा मांगा है जिन्होंने पांच बीघा से ज्यादा वन भूमि पर कब्जा किया था। इसके अलावा उनमें से जिनके खिलाफ विभाग की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई है, उनकी भी जानकारी मांगी गई है। पीसीसीएफ अजय कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ईडी की इस मांग पर वन मुख्यालय ने सभी संबंधित डीएफओ और वन संरक्षकों को जांच एजेंसी को जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। हिमाचल हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने 31 अगस्त 2016 को वन भूमि पर अवैध कब्जा कर सेब बगीचे उगाने और करोड़ों की काली कमाई करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ईडी को जांच के आदेश दिए थे।

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एसआईटी भी कर रही है कार्रवाई

ed inquiry against forest land encroachers in himachal

साथ ही कहा था कि वह ऐसे अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ  कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को भी जब्त करे। इसके अलावा कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह तीन महीनों के भीतर वन भूमि पर अवैध कब्जाधारियों की संपत्तियों की जानकारी जुटाकर ईडी को दे ताकि सेब बेचकर काला धन बनाने वाले अतिक्रमणकारियों पर ईडी के तहत मामले दर्ज हो सकें। हाईकोर्ट की लगातार फटकार के बाद अब वन विभाग अवैध कब्जा धारकों की पूरी सूची तैयार कर कोर्ट में जमा कर चुका है।

जिसके बाद अब ईडी ने कार्रवाई शुरू करते हुए वन विभाग से कब्जा करने वालों और उनके खिलाफ हुई एफआईआर की प्रतियां मांगी हैं। वन विभाग द्वारा हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने पर एक एसआईटी का गठन किया गया था। इस एसआईटी के नेतृत्व में वन भूमि कब्जाकर बनाए गए सेब बागों का डिमार्केशन कर वहां लगे पेड़ों को काटने का काम भी चल रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पांच बीघा से ज्यादा कब्जे वाले बड़े अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ वन विभाग राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई में जुटा हुआ है।

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