हिमाचल में प्रति व्यक्ति आय इतने फीसदी बढ़ी, विकास दर गिरी
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हिमाचल में प्रतिव्यक्ति आय हर साल की तरह इस बार भी बढ़ गई है, जबकि आर्थिक विकास दर घट गई है। विकास दर पिछले साल के 7.1 से गिरकर 5.6 फीसदी पर पहुंच गई है। हालांकि, यह राष्ट्रीय विकास दर से थोड़ी ज्यादा है। राष्ट्रीय स्तर पर यह 5 प्रतिशत अनुमानित है। ऐसा वैश्विक मंदी के हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर पडे़ असर के चलते हुआ है। हालांकि, प्रतिव्यक्ति आय 1,95,255 रुपये वार्षिक हो गई है। इसमें भी आर्थिक मंदी के कारण 6.6 प्रतिशत की ही वृद्धि हुई है जो पिछले वर्ष 11 प्रतिशत थी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 प्रस्तुत किया। हिमाचल में वर्तमान कीमतों पर प्रतिव्यक्ति आय 2018-19 के लिए पहले संशोधित अनुमानों के अनुसार 1,83,108 रुपये थी। वर्ष 2019-20 में इसके 1,95,255 रुपये होने के आसार हैं। वर्ष 2017-18 मेें प्रतिव्यक्ति आय प्रचलित भाव पर 1,65,025 थी। आर्थिक विकास दर की बात करें तो यह जहां 2017-18 में 6.8 प्रतिशत थी, वहीं 2018-19 में 7.1 हो गई थी। वर्ष 2019-20 में यह घटकर 5.6 फीसदी तक उतर गई।
विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से हिमाचल भी अछूता नहीं : सीएम
हिमाचल का जीडीपी 1,65,472 करोड़ रहने का अनुमान
चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 का जीडीपी भी 1,65,472 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वर्ष 2018-19 में यह 1,53,845 करोड़ रुपये था।
हिमाचल सरकार के खर्चे बढ़ गए
वर्ष 2019-20 में राजस्व व्यय में 8.02 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि वर्ष 2013-14 के 5.06 प्रतिशत की तुलना में वर्ष 2019-20 में 6.40 प्रतिशत अनुमानित है।
मुद्रास्फीति घटी
थोक मूल्य सूचकांक पर मुद्रास्फीति में वर्ष 2015-16 और वर्ष 2018-19 के बीच बढ़ोतरी देखी गई। वर्ष 2018-19 में यह 4.7 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2019-20 में घटकर 1.5 प्रतिशत रह गई है।
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं रह पाया है। हिमाचल सरकार ने पिछले साल आर्थिक विकास दर में बढ़ोतरी की थी। सरकार आगे भी प्रयासरत है कि यह विकास दर बढ़े।
स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग की सीटें भरने की प्रक्रिया शुरू
शैक्षणिक सत्र 2019-20 के दौरान प्रदेश में 30 एएनएम, 1540 जीएनएम, 1780 बीएससी, नर्सिंग और 181 एमएससी नर्सिंग की सीटें सरकारी और निजी संस्थानों अनुमोदित की गई हैं। इन सीटों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। इसके साथ ही 61 विद्यार्थी पैरा मेडिकल कोर्सों के विभिन्न विषयों में आईजीएमसी शिमला और टांडा में दाखिल किए गए हैं।
भारतीय दंत चिकित्सा परिषद की ओर से दंतमहाविद्यालय के लिए 17 पीजी सीटें और 75 बीडीएस सीटों का अनुमोदन किया गया है। डेंटल मैकेनिक और डेंटल हाईजीनिस्ट के डिप्लोमा कोर्स में सत्र 2019-20 के प्रत्येक में 20 विद्यार्थियों को प्रवेश देकर कक्षाएं शुरू की गई हैं।