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हिमाचल में प्रवेश के लिए पंजीकरण के सत्यापन पर सख्ती करेगी सरकार
Fri, 07 May 2021 09:56 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 07 May 2021 09:56 PM IST
सार
ऑनलाइन आवेदन के बाद अब डीसी और एसडीएम के कार्यालयों में आवेदकों की ओर से भरे ब्योरे का मैनुअली निरीक्षण होगा। हालांकि, कोविड पास पहले की तरह ही जनरेट होगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमिताभ बच्चन के नाम से जाली कोविड ई-पास बनाए जाने का मामला सामने आने के बाद अब सरकार प्रदेश में प्रवेश करने वालों के पंजीकरण के सत्यापन की प्रक्रिया और मजबूत करने जा रही है। ऑनलाइन आवेदन के बाद अब डीसी और एसडीएम के कार्यालयों में आवेदकों की ओर से भरे ब्योरे का मैनुअली निरीक्षण होगा। हालांकि, कोविड पास पहले की तरह ही जनरेट होगा। मुख्य सचिव अनिल खाची ने पास जारी करने की प्रक्रिया में यह बदलाव करने की पुष्टि की है। वहीं, एएसपी शिमला प्रवीर ठाकुर ने बताया कि ट्रंप और बच्चन के नाम से फर्जी ई-पास बनाने पर जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत छोटा शिमला थाने में मामला दर्ज किया गया है।
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मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग के संज्ञान में आया है कि पास नंबर एचपी-2563825 और एचपी-2563287 के दो पंजीकरण ट्रंप और अमिताभ के नाम पर किए गए हैं, जिनमें एक ही मोबाइल नंबर-9882810033 है। दोनों पंजीकरण अफवाह फैलाने के इरादे से किए गए हैं। आवेदक की ओर से इन दोनों पंजीकरणों के लिए एक ही पहचान पत्र अपलोड किया गया है।
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सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार कोविड ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल स्थापित किया है।
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आवेदक को यात्रा के उद्देश्य के आधार पर पंजीकरण पोर्टल https://covid19epass.hp.gov.in पर राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों का विवरण भरने के साथ पहचान पत्र, आरटी पीसीआर रिपोर्ट, टीकाकरण प्रमाण पत्र आदि जैसे दस्तावेजों के साथ पंजीकरण करना होता है। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक को इस बारे में एसएमएस और पावती रसीद डाउनलोड करने का लिंक प्राप्त होता है, जिसे राज्य में प्रवेश के दौरान पुलिस कर्मियों को दिखाना होता है। पुलिस कर्मचारी मोबाइल ऐप का उपयोग करके पावती रसीद पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करते हैं और पहचान पत्र के साथ आवेदक के विवरण को सत्यापित करते हैं। जानकारियां सही होने पर ही आवेदक को सूबे में प्रवेश की अनुमति मिलती है।
लोगों को परेशानी न आए, इसलिए सरल रखा था पंजीकरण : सीएम
इस मामले में सीएम ने कहा कि गरीबों, मजदूरों और कारोबारियों को सूबे में आने के लिए ज्यादा परेशानी न हो, इसीलिए सरल पंजीकरण प्रक्रिया रखी थी। इस पर कुछ लोगों ने शरारत की है। सूचना है कि पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अब हर रजिस्ट्रेशन की जांच होगी।