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Mandi News: पुनर्वास नहीं होने से खरोण गांव के आपदा प्रभावितों ने छोडे़ पक्के घर

Fri, 28 Jun 2024 12:49 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 28 Jun 2024 12:49 PM IST
सार

 एक साल पहले जुलाई में खरोण गांव में पहाड़ी दरकने से बेघर हुए परिवारों का पुनर्वास न होने पर ग्रामीणों ने इस साल फिर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पहले ही दूसरी जगह शिफ्ट होना उचित समझा है।

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Due to lack of rehabilitation, the disaster affected people of Kharon village left their permanent houses in m
खरोण गांव के आपदा प्रभावितों ने छोडे़ पक्के घर - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल की कस पंचायत में बरसात के दौरान पहाड़ी दरकने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने पैतृक घरों को छोड़कर दूरदराज क्षेत्रों में पलायन शुरू कर दिया है। अब मानसून सीजन खत्म होने तक परिवार तंबुओं में ही जीवन बसर करेंगे। एक साल पहले जुलाई में खरोण गांव में पहाड़ी दरकने से बेघर हुए परिवारों का पुनर्वास न होने पर ग्रामीणों ने इस साल फिर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पहले ही दूसरी जगह शिफ्ट होना उचित समझा है।

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कस पंचायत की पांडो पहाड़ी में बीते वर्ष जुलाई में ही दरारें आने के बाद हुए भूस्खलन से करीब 12 परिवारों के घरों में नुकसान हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया था। कई माह तक अस्थायी शिविरों में रहने के बाद जब परिवार वापिस अपने क्षतिग्रस्त मकानों में जैसे-तैसे जीवन यापन किया। अब मानसून सीजन शुरू होने तक भी इनके पुनर्वास को लेकर कोई पुख्ता प्रबंधन नहीं हो पाए। ऐसे में त्रासदी से सहमे परिवारों ने फिर अपने पैतृक आवास छोड़कर अस्थायी शिविरों में डेरा जमाने को लेकर मजबूर हो गए हैं। 
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खरोण गांव के प्रभावित परिवारों में शामिल रूप सिंह, काकू राम, कृष्ण चंद, सूंका राम, नंद लाल, काली दास, राजमल ने बताया कि एक साल पहले जुलाई माह में जब पांडो की पहाड़ी दरकी थी तो उनके रिहायशी मकानों में मलबा और पत्थर घुस गए थे। जैसे-तैसे जान बचाकर वह सुरक्षित निकल आए और साल भर के इंतजार के बाद भी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित बसाने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए हैं। ऐसे में उन्हें मजबूरन इस मानसून सीजन में अस्थायी शिविरों में रहने का दंश भुगतना पड़ेगा।

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औपचारिकताओं के चलते नहीं हुआ काम
पंचायत प्रधान देवेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि कस पंचायत के खरोण गांव में एक साल पहले पहाड़ी दरकने से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से संबंधित अधिकांश औपचारिकताएं प्रशासन की ओर से पूरी न होने से दिक्कत पेश आई है। स्थानीय व जिला प्रशासन अगर पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन को रोकने को लेकर अभी भी प्रयास करता है तो इस मानसून सीजन में फिर त्रासदी की आशंका से सहमे परिवारों को राहत मिल पाएगी।

मानसून सीजन में भूस्खलन से संबंधित पहाड़ियों से होने वाले नुकसान को लेकर स्थानीय व जिला प्रशासन को फील्ड रिपोर्ट उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया बीते कई दिनों से जारी है। आवश्यक कार्रवाई अमल में लाकर राहत दी जाएगी।-डॉ. मुकुल शर्मा, तहसीलदार जोगिंद्रनगर।

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