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Shimla News: मौसम में उतार-चढ़ाव से सूखी खांसी मामले बढ़े
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रोजाना दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में लग रही भीड़
मेडिसिन ओपीडी में शिकायत लेकर पहुंच रहे 30 से 35 मरीज
जिला स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, गर्म पानी सेवन की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बदलते मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खासकर सूखी खांसी के मामलों में तेजी से बढ़े हैं। दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। मेडिसिन ओपीडी में रोजाना 30 से 35 मरीज सूखी खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, मरीजों की खांसी जल्दी ठीक नहीं हो रही है। इसे ठीक होने में करीब 20 दिन तक का समय लग रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही गर्म पानी पीने और सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पोलन और धूल-मिट्टी के कण समस्या के प्रमुख कारण हैं। मौसम में लगातार बदलाव भी लोगों को प्रभावित कर रहा है। यही कारण है कि न केवल शहर, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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गौरतलब है कि जिले में दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड का एहसास हो रहा है। बारिश के बाद धूप निकलने से धूल-मिट्टी बढ़ रही है। इससे श्वास संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। सूखी खांसी लंबे समय तक रहने से लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। इसका असर बच्चों और बुजुर्गों में भी देखा जा रहा है।
सूखी खांसी से ऐसे करें बचाव
एक चम्मच शहद का सेवन सीधे या गुनगुने पानी में मिलाकर करें
गर्म पानी में नमक डालकर दिन में 2-3 बार गरारे करें
भाप लें
हल्दी वाला दूध पिएं
अदरक और मुलेठी का सेवन करें
गुनगुना पानी पीते रहें
धूम्रपान और प्रदूषण से बचें
कमरे में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें
ठीक होने तक धूप या अगरबत्ती जलाने से बचें
अस्पताल में सूखी खांसी के मरीज काफी अधिक आ रहे हैं। मौसम में बदलाव और धूल-मिट्टी इसके बड़े कारण हैं। लोग लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ. सोनिया, मेडिसिन विशेषज्ञ, शिमला
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मेडिसिन ओपीडी में शिकायत लेकर पहुंच रहे 30 से 35 मरीज
जिला स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, गर्म पानी सेवन की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बदलते मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खासकर सूखी खांसी के मामलों में तेजी से बढ़े हैं। दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। मेडिसिन ओपीडी में रोजाना 30 से 35 मरीज सूखी खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, मरीजों की खांसी जल्दी ठीक नहीं हो रही है। इसे ठीक होने में करीब 20 दिन तक का समय लग रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही गर्म पानी पीने और सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि पोलन और धूल-मिट्टी के कण समस्या के प्रमुख कारण हैं। मौसम में लगातार बदलाव भी लोगों को प्रभावित कर रहा है। यही कारण है कि न केवल शहर, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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गौरतलब है कि जिले में दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड का एहसास हो रहा है। बारिश के बाद धूप निकलने से धूल-मिट्टी बढ़ रही है। इससे श्वास संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। सूखी खांसी लंबे समय तक रहने से लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। इसका असर बच्चों और बुजुर्गों में भी देखा जा रहा है।
सूखी खांसी से ऐसे करें बचाव
एक चम्मच शहद का सेवन सीधे या गुनगुने पानी में मिलाकर करें
गर्म पानी में नमक डालकर दिन में 2-3 बार गरारे करें
भाप लें
हल्दी वाला दूध पिएं
अदरक और मुलेठी का सेवन करें
गुनगुना पानी पीते रहें
धूम्रपान और प्रदूषण से बचें
कमरे में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें
ठीक होने तक धूप या अगरबत्ती जलाने से बचें
अस्पताल में सूखी खांसी के मरीज काफी अधिक आ रहे हैं। मौसम में बदलाव और धूल-मिट्टी इसके बड़े कारण हैं। लोग लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ. सोनिया, मेडिसिन विशेषज्ञ, शिमला