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Shimla News: नशे का सेवन युवाओं को बना रही मिर्गी का मरीज

Thu, 12 Feb 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:59 PM IST
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Drug abuse is making young people epileptic.
खास
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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में हर रोज आ रहे 30 मामले, मिर्गी का दौरा पड़ने पर अस्पताल में चेकअप की सलाह
कैल्शियम और शूगर लेवल कम से भी पड़ते हैं दौरे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नशे का सेवन प्रदेश के युवाओं को मिर्गी का मरीज बना रहा है। डॉक्टरों ने मुताबिक मिर्गी कोई कलंक या छिपाने वाली बीमारी नहीं है, यह एक मस्तिष्क का रोग है, जिसका तुरंत उपचार करवाना जरूरी है।

प्रदेश में मिर्गी के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में रोज होने वाली ओपीडी में बीस से तीस मामले मिर्गी के आने लगे हैं। प्रदेशभर से आने वाले इस रोग के मामलों का यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। इसमें युवा भी शामिल हैं। इस रोग के होने के कारण अलग-अलग आयु में अलग हो सकते हैं, लेकिन युवाओं में मिर्गी के दौरे पड़ने का एक मुख्य कारण नशे का सेवन भी है।
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नवजात और छोटी आयु के बच्चों में मिर्गी ऑक्सीजन की कमी, कैल्शियम की कमी, शूगर लेवल का कम होना और ब्रेन में संक्रमण हो सकता है। युवाओं और इससे अधिक आयु के लोगों में अनुवांशिकी, नशे का सेवन, सिर में चोट, ब्रेन में इंफेक्शन के अलावा सोडियम की कमी भी मिर्गी का कारण हो सकता है।
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किसी भी उम्र में हो सकता मिर्गी रोग
चमियाना सुपर स्पेशलटी विभागाध्यक्ष एवं न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ. सुधीर शर्मा ने माना कि प्रदेश में मिर्गी के रोगियों की संख्या बढ़ी है। मिर्गी का रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। मिर्गी का दौरा पड़ने पर इसकी जांच करवाकर इसका 70 फीसदी तक सफल उपचार संभव है। इसलिए इस रोग को गंभीरता से लेना और समय से इसका उपचार करवाना जरूरी है। रोग को लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए जागरूक होना जरूरी है। यह एक न्यूरोलाॅजी से संबंधित रोग है, जिसका उपचार संभव है।



लक्षण
मिर्गी मस्तिष्क की दीर्घकालिक और गैर संक्रामक बीमारी है। इसमें शरीर में कंपन, एंटन, घूरना, दर्द, संवेदना यानि सुनने और देखने का तरीका बदलना इसके लक्षणों में शामिल हैं। इसके अलावा स्वाद में बदलाव, भय, बैचेनी, दिल की धड़कन या सांस लेने की गति में बदलाव, पूरे शरीर में जकड़न हो सकती है। बार-बार या अपने आप शरीर में हलचल होना मिर्गी के लक्षण हो सकते हैं।



ऐसे करें बचाव
मिर्गी का दौरा पड़ने पर मरीज को सीधे लिटाएं। करवट कर भी लिटा सकते हैं जिससे सांस लेने में आसानी हो। मुंह में कोई भी नुकीली चीज न डालें, टाई, शर्ट आदि के बटन खोले, कपड़े ढीलें करें, यदि पांच मिनट तक मरीज बेहोश रहता है, तो उसे तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। यह बीमारी न होने इसके लिए व्यायाम करें और नशे से दूर रहें।
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