ट्रायल सफल: ड्रोन ने 20 मिनट में धर्मशाला से टांडा पहुंचाईं दवाइयां
धर्मशाला से ड्रोन के साथ बांधकर भेजी गईं दवाएं महज 20 मिनट में टांडा पहुंच गईं। धर्मशाला से टांडा पहुंचने के लिए निजी गाड़ी से 45 मिनट और बस से करीब डेढ़ घंटा लगता है। जल्द ही अब स्काई कंपनी के साथ करार किया जाना है। जरूरत पड़ने पर यह कंपनी ड्रोन से दुर्गम क्षेत्रों में दवाएं, सैंपल और खून आदि को पहुंचाएगी।
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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित साई स्टेडियम से मंगलवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के लिए ड्रोन से दवाइयां भेजी गईं। स्काई एयर मोबिलिटी कंपनी का यह ट्रायल सफल रहा। धर्मशाला से ड्रोन के साथ बांधकर भेजी गईं दवाएं महज 20 मिनट में टांडा पहुंच गईं। धर्मशाला से टांडा पहुंचने के लिए निजी गाड़ी से 45 मिनट और बस से करीब डेढ़ घंटा लगता है। जल्द ही अब स्काई कंपनी के साथ करार किया जाना है। जरूरत पड़ने पर यह कंपनी ड्रोन से दुर्गम क्षेत्रों में दवाएं, सैंपल और खून आदि को पहुंचाएगी।
सफल ट्रायल के बाद अन्य उत्पादों और जरूरी सामान को चिह्नित स्थान पर पहुंचाया जा सकेगा। इससे जहां समय की बचत होगी, वहीं जरूरत के समय यह कारगर भी साबित होगा। मंगलवार को हुए ट्रायल का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रामलाल मारकंडा और मुख्य सचिव राम सुभग सिंह विशेष तौर पर उपस्थित थे। इस दौरान कई कंपनियों ने भी अपने ड्रोन की उड़ान का प्रदर्शन किया।
ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए खोलेंगे प्रशिक्षण संस्थान : मारकंडा
मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने धर्मशाला के साई स्टेडियम में ड्रोन मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में रोजगार हासिल कर सके। अन्य जगहों पर भी ड्रोन मेले आयोजित किए जाएंगे। मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने कहा कि ड्रोन उन स्थानों पर भी आसानी से पहुंच सकता है, जहां जाना इंसानों के लिए अपेक्षाकृत मुश्किल होता है।
ड्रोन उड़ान कार्यक्रम को सरकार ने अंतिम रूप दिया : जयराम
वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीएम नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में वाराणसी में हुई मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में आयुष्मान भारत योजना के बारे में बात करते हुए कहा कि लाभार्थी परिवार का प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होगा। हिमाचल प्रदेश में 4.78 लाख लोग पंजीकृत हैं। इनमें से 4.25 लाख को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्र सरकार ने आवास प्लस के अंतर्गत 3514 का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत पायलट फेज के तहत 2021 में हमीरपुर का चयन हुआ है। ड्रोन उड़ान कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया है। यह विशेष है कि पीएम मोदी ने हिमाचल सरकार को पहले ही ड्रोन तकनीक पर काम करने के निर्देश दिए थे। सीएम जयराम ठाकुर ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक खेती की श्रेष्ठ पद्धति को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ प्रयास कर रहा है और किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
प्रदेश में वर्ष 2018 में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए 153643 किसानों को प्रशिक्षित किया गया है और वर्तमान में 9192 हेक्टेयर भूमि पर इस पद्धति से खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की आय में 63.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिला है। किसान कम से कम नौ फसलें एक साथ उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शून्य बजट प्राकृतिक खेती करने से उत्पादन और किसानों की आय में भी में वृद्धि हुई है। कॉन्क्लेव में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया।