Shimla: रांगड़ा बोले- समान नागरिक संहिता को प्रदेश में लागू करने का समर्थन करेगी आरएसएस
हिमाचल प्रांत के संघ चालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात कही।
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उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल में भी समान नागरिक संहिता लागू करने का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थन करेगा। हिमाचल प्रांत के संघ चालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसे मुद्दे चिंताजनक है। इसको लेकर आरएसएस लगातार लोगों से संपर्क करके जागरूक कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को श्रेष्ठ बनाने के लिए समाज को श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता होती है। इसको लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लगातार लोगों के बीच जाकर समाज में गुणवत्ता विस्तार करने की योजना पर काम कर रहा है। डॉ. रांगड़ा ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में सांगठनिक विस्तार के साथ संघ समाज में गुणवत्ता संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज को सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज में महापुरुषों के कार्यों को जाति, पंथ के भेद से ऊपर उठकर स्वीकार करना चाहिए और उनके माध्यम से समाज को सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उनके साथ विभाग संघचालक राजकुमार वर्मा और प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हिमाचल में आरएसएस का विस्तार तेज, 728 स्थानों पर 1045 शाखाएं संचालित
राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ के हिमाचल प्रांत के संघसंचालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा, विभाग संघसंचालक राजकुमार वर्मा और प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयाल ने बताया कि प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 13 से 15 मार्च तक समालखा (पानीपत) में संपन्न हुई, जिसमें देशभर से 1,438 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संगठन की गतिविधियों और विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। शिमला में आयोजित संघ की प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष के दौरान देशभर में शाखाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 88 हजार से अधिक पहुंच गया है। साप्ताहिक मिलन और मंडली की संख्या में भी इजाफा दर्ज किया गया है। संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में 62,555 विजयादशमी उत्सव आयोजित किए गए, जिनमें 32 लाख से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी रही। हिमाचल प्रदेश में 26 जिलों के 728 स्थानों पर 1045 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 283 मिलन और 141 मंडलियां सक्रिय हैं। शताब्दी वर्ष के दौरान प्रदेश में आयोजित 204 कार्यक्रमों में 28,916 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। संघ द्वारा चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत प्रदेश में 12 लाख से अधिक घरों तक संपर्क किया गया, जबकि 4,118 विशेष व्यक्तियों से भी संवाद स्थापित किया गया। इसके अलावा कुल 1,089 हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किए गए।