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बिंदल बोले, सरकार खुद को नहीं, जनता को सूखे से बचाए
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:12 AM IST
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विधायक राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत कुछ लोगों के रिश्तेदारों को अनैतिक रूप से फायदा पहुंचाया गया है।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल भाजपा मुख्य प्रवक्ता राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने को नहीं बिल्क सूखे से जनता को बचाए। हिमाचल में 90 फीसदी नदी-नाले और 70 फीसदी पेयजल योजनाएं सूख गई हैं। प्रदेश सूखे की चपेट में है।
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प्रदेश सरकार की ओर से उचित व्यवस्था न होने के कारण सिरमौर और ऊना जिले के लोग अपने पशुओं के साथ पंजाब और हरियाणा के लिए पलायन कर रहे हैं। इसमें पालिया पंचायत, कोलावाला, त्रिलोकपुर व सुरला पंचायत के लोग शामिल हैं।
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राजीव बिंदल ने प्रेसवार्ता में कहा कि सूखे से निपटने और पानी की व्यवस्था को लेकर चीफ सेक्रेटरी को भी मेल और पत्र लिखा गया लेकिन अभी तक डीसी को इस बारे में कोई आदेश नहीं दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान भी एक वर्ष सूखा गया था लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने तुरंत हिमाचल में हैंडपंप और टैंकरों के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाया था।
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यही नहीं, पशुओं के लिए चारा भी सब्सिडी पर दिया गया। उन्होंने कहा कि अप्रैल में ही जब इतनी गर्मी है तो मई और जून में क्या होगा? उन्होंने कहा कि समूचा प्रदेश पानी की किल्लत से परेशान है। सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए न तो टैंकर की व्यवस्था की गई और न ही अतिरिक्त हैंडपंप लगाने के आदेश अधिकारियों को जारी किए गए हैं।
कुर्सी बचाने में जुटे हैं सीएम
राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की पड़ी है। वह कभी वकील के पास जा रहे हैं तो कभी आलाकमान के पास। उन्हें अधिकांश समय कुर्सी बचाने में बीत गया है। वहीं मंत्री सीएम और दूसरी नंबर की कुर्सी के इंतजार में हैं।
धू-धूकर जल रहे जंगल
उन्होंने कहा कि सरकार को जंगलों की भी कोई चिंता नहीं है। सिरमौर व सोलन जिले के चीडं के जंगल जल रहे हैं, लेकिन सरकार इसकी कोई सुध नहीं ले रही है। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों से जब आग न बुझाने का कारण पूछा तो उन्होंने भी पानी की कमी होना बताया।