घरेलू फैक्टर ने रोका आर्थिक विकास: मोंटेक
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आर्थिक विकास दर कम होने का कारण 1/3 भाग ग्लोबल फैक्टर और 2/3 भाग घरेलू फैक्टर है। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण और प्रोजेक्टों को पर्यावरण क्लीयरेंस में पेश आने वाली दिक्कतों से भी आर्थिक विकास दर रुकी है।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया केंद्रीय विश्वविद्यालय छतरी में भारत के आर्थिक उद्देश्य और संभावना विषय पर विचार साझा कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि 2035 में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक शक्ति बनेगा।
पहले स्थान पर चीन और दूसरे पर अमेरिका होगा। दो साल में भारत की आर्थिक विकास दर 7 से 5 प्रतिशत रह गई है। यह चिंताजनक है। वर्तमान आर्थिक दशा को सामूहिक विकास से ही ठीक किया सकता है।
इसके लिए हर क्षेत्र में काम करने की जरूरत है।
रोड और रेलवे की कनेक्टिविटी जरूरी
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान पड़ेगा। कारपोरेट हाउस को अपने लाभ का दो प्रतिशत सामाजिक कल्याण पर खर्च करना चाहिए। देश में बन रहे नए राज्यों पर भी अब ध्यान देने की जरूरत होगी।
यहां अब ज्यादा फंडिंग की जरूरत होगी। आर्थिक सुधारों से गरीबी रेखा में कमी आ रही है। देश में आधारभूत ढांचा मजबूत किए जाने पर योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने बल दिया। इसके लिए रोड और रेलवे की कनेक्टिविटी जरूरी है।
एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय में अच्छे परिणाम से परिवर्तन हुआ है। फिर भी इन समुदायों पर फोकस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में अच्छा और बुरा समय आता रहता है।
चीन की भी तो आर्थिक विकास दर काफी कम हुई है।