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फिर बढ़ेंगी लोगों की मुश्किलें, दो घंटे हड़ताल पर रहेंगे डॉक्टर

Fri, 03 Feb 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 03 Feb 2017 09:06 AM IST
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doctors on strike in himachal pradesh

हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। प्रदेश में मेडिपर्सन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे करीब 1500 मेडिकल ऑफिसर 3 से 12 फरवरी तक रोज दो घंटे पेन डाउन हड़ताल करेंगे। सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को चेक नहीं करेंगे, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। 

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आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी मेडिकल ऑफिसरों की पेन डाउन स्ट्राइक का समर्थन किया है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि विधानसभा में मेडिपर्सन एक्ट लागू होने तक डॉक्टरों को इंतजार करना होगा। बीते 23 जनवरी को एक दिन के सामूहिक अवकाश के बाद प्रदेश सरकार ने डॉक्टरों को 7 फरवरी को बातचीत के लिए बुलाया था। लेकिन डॉक्टरों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल का फैसला वापस नहीं लिया है। 
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मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि एक महीने पहले सरकार को हड़ताल का नोटिस दिया था। फिर भी उनकी मांगों को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई गई। मास कैजुअल लीव के बाद 3 फरवरी से दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल पहले से घोषित थी, इसके बावजूद सरकार ने 7 फरवरी को बैठक के लिए बुलाया है। 13 फरवरी को डॉक्टर फिर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। अब मांगें मानने तक नहीं झुकेंगे।

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सामूहिक अवकाश पर जाने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी

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प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना ने कहा कि हड़ताली डॉक्टरों को बातचीत के लिए 7 फरवरी को बुलाया है। उम्मीद है कि वे हड़ताल वापस ले लेंगे। अगर हड़ताल जारी रहती है तो सभी जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वे इमरजेंसी और सर्जरी सेवाएं बाधित न होने दें। 

डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बीच प्रदेश सरकार कड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं। सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य निदेशालय ने सभी जिलों से मास कैजुअल लीव पर जाने वाले मेडिकल ऑफिसरों की सूची मांगी है। सूत्रों का कहना है कि सामूहिक छुट्टी पर जाने वाले डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटा जा सकता है।

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