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आईजीएमसी में कल से हड़ताल पर जाएंगे डॉक्टर
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300 रेजिडेंट डॉक्टर ठप रखेंगे कामकाज, चिकित्सकों के सर्दियों के अवकाश किए रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सोमवार (20 दिसंबर) को 300 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर जा रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल सुबह 9:30 से लेकर शाम 4 बजे तक चलेगी।
आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को आरडीए की ओर से उन्हें इस बात की जानकारी दी गई। लिहाजा इस परेशानी को देखते हुए 22 दिसंबर से शुरू होने वाली डॉक्टरों की विंटर विकेशन को अगले आदेशों तक रोक दिया है।
नीट-पीजी की काउंसलिंग में केंद्र सरकार द्वारा कोई हल न निकालने पर आईजीएमसी की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इस निर्णय के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आरडीए ने इमरजेंसी में ड्यूटी देने की बात कही है लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण परेशानी झेलनी होगी। ओपीडी में मरीजों का उपचार को लेकर नंबर देरी से आएगा। कुछ मरीजों को इस दौरान बिना उपचार करवाए भी अस्पताल से लौटना पड़ सकता है। सोमवार को अस्पताल में 3 हजार से अधिक की मरीजों की ओपीडी रहती है। ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों ने केवल गंभीर मरीजों को ही अस्पताल आने की सलाह दी है।
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गंभीर ऑपरेशन को ही मिलेगी तवज्जो
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पर जाने के कारण एक बार फिर रूटीन में होने वाले मरीजों के ऑपरेशन अस्पताल में रुक जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि इस दौरान सिर्र्फ गंभीर मरीजों के ऑपरेशन ही किए जाएंगे। यह ऑपरेशन भी एक या दो ही हो पाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सोमवार (20 दिसंबर) को 300 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर जा रहे हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल सुबह 9:30 से लेकर शाम 4 बजे तक चलेगी।
आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को आरडीए की ओर से उन्हें इस बात की जानकारी दी गई। लिहाजा इस परेशानी को देखते हुए 22 दिसंबर से शुरू होने वाली डॉक्टरों की विंटर विकेशन को अगले आदेशों तक रोक दिया है।
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नीट-पीजी की काउंसलिंग में केंद्र सरकार द्वारा कोई हल न निकालने पर आईजीएमसी की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इस निर्णय के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आरडीए ने इमरजेंसी में ड्यूटी देने की बात कही है लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण परेशानी झेलनी होगी। ओपीडी में मरीजों का उपचार को लेकर नंबर देरी से आएगा। कुछ मरीजों को इस दौरान बिना उपचार करवाए भी अस्पताल से लौटना पड़ सकता है। सोमवार को अस्पताल में 3 हजार से अधिक की मरीजों की ओपीडी रहती है। ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों ने केवल गंभीर मरीजों को ही अस्पताल आने की सलाह दी है।
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गंभीर ऑपरेशन को ही मिलेगी तवज्जो
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पर जाने के कारण एक बार फिर रूटीन में होने वाले मरीजों के ऑपरेशन अस्पताल में रुक जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि इस दौरान सिर्र्फ गंभीर मरीजों के ऑपरेशन ही किए जाएंगे। यह ऑपरेशन भी एक या दो ही हो पाएंगे।