हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती पर सवाल, अगले महीने आएगा फैसला
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से क्लर्क, प्रूफ रीडर और जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के पदों को भरने के लिए करवाई जा रही भर्ती प्रक्रिया पर प्रार्थियों ने सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देने वाली याचिकाओं में भर्ती प्रक्रिया को विज्ञापन के तहत दिए गए नियमानुसार संपन्न करवाए जाने की गुहार लगाई गई है।
प्रार्थियों ने इन पदों के लिए करवाए गए स्क्रीनिंग टेस्ट के परिणाम को गलत, गैरकानूनी, मनमाना और भेदभावपूर्ण ठहराने की गुहार लगाई है। प्रार्थियों ने आरोप लगाया है कि इस परिणाम को भर्ती नियमों का उल्लंघन कर तैयार किया गया है। प्रार्थियों ने मांग की है कि यदि परीक्षा जारी रखी जाती है तो उन्हें इस संदर्भ में होने वाली अगली परीक्षाओं में बैठने की इजाजत दी जाए।
हाईकोर्ट ने दिए हैं ये आदेश
हाईकोर्ट में वेकेशन जज न्यायाधीश पीएस राणा ने याचिकाओं की प्रारंभिक सुनवाई के बाद प्रार्थियों को फिलहाल अगली परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दिए जाने आदेश पारित किए हैं। याचिकाओं में दिए तथ्यों के अनुसार हाईकोर्ट प्रशासन ने गत वर्ष 16 अक्तूबर को विज्ञापन जारी कर विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। दिसंबर में स्क्रीनिंग टेस्ट लिया गया।
विज्ञापन में बताया गया था कि स्क्रीनिंग परीक्षा में गलत उत्तर देने पर प्रति उत्तर एक तिहाई नंबर काट लिए जाएंगे, लेकिन जब परिणाम घोषित किया गया तो नंबर काटने वाली शर्त को माफ कर दिया गया। प्रार्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान विज्ञापन की शर्तों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।
इसलिए नंबर काटने वाली शर्त को माफ करना कानूनन गलत है। कोर्ट ने हाईकोर्ट प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। मामलों पर सुनवाई शीतकालीन छुट्टियों के बाद तय की है।