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धंस रहे रिज मैदान को बचाने के प्रोजेक्ट में फंसा नया पेच

Mon, 01 Nov 2021 11:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 11:21 PM IST
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Dispute on Riz ground construction
वन विभाग का दावा, काम शुरू करने के लिए एमसी को लेनी होगी एफसीए से क्लीयरेंस
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क्रॉसर
14 छोटे बड़े पेड़ काटने के बाद शुरू होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान के धंस रहे हिस्से को बचाने के लिए तैयार किए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अब नया पेच फंस गया है। इस प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए नगर निगम को अब एफसीए के तहत फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेनी पड़ सकती है। सरकार की ओर गठित सब कमेटी की मंजूरी के बावजूद यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया जा सकेगा।
नगर निगम ने अभी ट्री कमेटी से मौके का निरीक्षण करवाकर यहां खड़े पेड़ काटने की फाइल सब कमेटी की मंजूरी के लिए भेजी है। यहां कुल 14 छोटे बड़े पेड़ हैं जिन्हें काटकर रिज को बचाने के लिए निर्माण कार्य शुरू होगा। लेकिन वन विभाग का कहना है कि प्रदेश सरकार या सब कमेटी इस प्रोजेक्ट के लिए पेड़ काटने की मंजूरी नहीं दे सकती। यह वन भूमि है और इस पर पेड़ काटने के लिए एफसीए के तहत मंजूरी लेना अनिवार्य है। अभी वन विभाग की ओर से नगर निगम को इस बारे में पत्र नहीं मिला है। लेकिन फील्ड अधिकारियों ने इस बारे में विभाग को रिपोर्ट दे दी है। उधर नगर निगम का कहना है कि ट्री कमेटी में वन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। इन्होंने ही यह मामला सब कमेटी के लिए भेजा है। विभाग की ओर से ऐसा कोई पत्र या सूचना अभी नहीं मिली है कि जिसमें कहा हो कि एफसीए की मंजूरी लेना जरूरी है। यदि ऐसा कुछ है तो विभाग को मामला लटकाने की बजाय बताना चाहिए ताकि जल्द इसकी औपचारिकताएं भी पूरी की जाएं।
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विभाग की रिपोर्ट, गलत है निगम का दावा
इस मामले पर नगर निगम ने वन विभाग को कुछ महीने पहले पत्र लिखा था। निगम का कहना है कि रिज पर स्थित जमीन की किस्म वही है जो कृष्णानगर में नगर निगम की जमीन की है। इस किस्म की जमीन पर वन विभाग ने कृष्णानगर में भी गरीबों के आवास बनाने की मंजूरी दी थी। इसी तरह अब रिज पर भी मंजूरी दी जानी चाहिए। वन विभाग का कहना है कि दोनों जगहों पर जमीन की किस्म एक समान नहीं है। निगम के पत्र के जवाब में डीएफओ की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा है कि कृष्णानगर में जो जमीन थी, वह नगर निगम के पास थी, जबकि रिज मैदान के पास की जमीन वन विभाग को हैंडओवर हो चुकी है। ऐसे में वन विभाग के अधीन आने वाली जमीन पर पेड़ काटने के लिए एफसीए के तहत मंजूरी जरूरी है।
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सब कमेटी को भेजा है प्रस्ताव : आयुक्त
रिज को धंसने से बचाने का प्रोजेक्ट बेहद अहम है। ट्री कमेटी ने मौके का निरीक्षण किया है, इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए सब कमेटी को भी भेज दिया है। एफसीए की मंजूरी लेना जरूरी है, ऐसी की सूचना या पत्राचार वन विभाग ने नहीं किया है।
-आशीष कोहली, नगर निगम आयुक्त
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