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उपनगरों में बगावत, अब अलग व्यापार मंडल बनाने की तैयारी
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Dispute in shimla shopkpeer
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शिमला व्यापार मंडल ने चुनाव से बाहर रखे हैं उपनगरों के कारोबारी
शिमला व्यापार मंडल की कार्यकारिणी में शामिल होने से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कारोबारियों के सबसे बड़े संगठन शिमला व्यापार मंडल के चुनाव से बाहर किए उपनगरों के कारोबारी अब अलग व्यापार मंडल बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इनका कहना है कि वह शिमला व्यापार मंडल में शामिल नहीं होंगे और अपना अलग व्यापार मंडल बनाएंगे।
चुनाव का ऐलान करते वक्त शिमला व्यापार मंडल ने फैसला लिया था कि सिर्फ शिमला शहर विधानसभा क्षेत्र के कारोबारी ही चुनाव में शामिल होंगे। उपनगरों के कारोबारी मतदान नहीं कर पाएंगे। इन उपनगरों के व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों को शिमला व्यापार मंडल की कार्यकारिणी में शामिल करने का दावा किया था। लेकिन उपनगरों के कई कारोबारी नेताओं को यह ऑफर पसंद नहीं है। इन्होंने अब आपस में बातचीत का दौर शुरू कर दिया है।
उपनगरों के कारोबारी नेताओं का कहना है कि व्यापार मंडल ने उन्हें चुनाव से बाहर कर दिया है। ऐसे में वह इसकी कार्यकारिणी का हिस्सा भी नहीं बनेंगे। घणाहट्टी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने कहा कि उनका व्यापार मंडल शिमला व्यापार मंडल में शामिल नहीं होगा। कहा कि दूसरे उपनगरों के व्यापार मंडलों से बातचीत की जा रही है। उपनगर मिलकर अलग व्यापार मंडल बनाएंगे। कहा कि उपनगर के कारोबारी अपनी समस्याएं अब अपने तरीके से उठाएंगे।
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उपनगरों को चुनाव से रखा है बाहर
शिमला व्यापार मंडल चुनाव में सिर्फ शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र के बाजारों के कारोबारियों को ही शामिल किया है। इसमें लोअर बाजार, रामबाजार, मालरोड, लक्कड़ बाजार, बालूगंज, छोटा शिमला, संजौली का कुछ हिस्सा, गंज बाजार, सब्जी मंडी मुख्य बाजार शामिल हैं। वहीं, कच्चीघाटी, घणाहट्टी, शोघी, तारादेवी, मशोबरा, ढली, कसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, मल्याणा, समिट्री, भट्ठाकुफर जैसे बड़े उपनगर चुनाव से बाहर किए गए हैं। इनमें भी मुख्य शहर की तरह ही दो हजार से अधिक कारोबारी शामिल हैं। ज्यादातर उपनगरों के अपने व्यापार मंडल भी हैं जो अब सक्रिय होने लगे हैं।
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शिमला व्यापार मंडल की कार्यकारिणी में शामिल होने से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में कारोबारियों के सबसे बड़े संगठन शिमला व्यापार मंडल के चुनाव से बाहर किए उपनगरों के कारोबारी अब अलग व्यापार मंडल बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इनका कहना है कि वह शिमला व्यापार मंडल में शामिल नहीं होंगे और अपना अलग व्यापार मंडल बनाएंगे।
चुनाव का ऐलान करते वक्त शिमला व्यापार मंडल ने फैसला लिया था कि सिर्फ शिमला शहर विधानसभा क्षेत्र के कारोबारी ही चुनाव में शामिल होंगे। उपनगरों के कारोबारी मतदान नहीं कर पाएंगे। इन उपनगरों के व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों को शिमला व्यापार मंडल की कार्यकारिणी में शामिल करने का दावा किया था। लेकिन उपनगरों के कई कारोबारी नेताओं को यह ऑफर पसंद नहीं है। इन्होंने अब आपस में बातचीत का दौर शुरू कर दिया है।
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उपनगरों के कारोबारी नेताओं का कहना है कि व्यापार मंडल ने उन्हें चुनाव से बाहर कर दिया है। ऐसे में वह इसकी कार्यकारिणी का हिस्सा भी नहीं बनेंगे। घणाहट्टी व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने कहा कि उनका व्यापार मंडल शिमला व्यापार मंडल में शामिल नहीं होगा। कहा कि दूसरे उपनगरों के व्यापार मंडलों से बातचीत की जा रही है। उपनगर मिलकर अलग व्यापार मंडल बनाएंगे। कहा कि उपनगर के कारोबारी अपनी समस्याएं अब अपने तरीके से उठाएंगे।
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उपनगरों को चुनाव से रखा है बाहर
शिमला व्यापार मंडल चुनाव में सिर्फ शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र के बाजारों के कारोबारियों को ही शामिल किया है। इसमें लोअर बाजार, रामबाजार, मालरोड, लक्कड़ बाजार, बालूगंज, छोटा शिमला, संजौली का कुछ हिस्सा, गंज बाजार, सब्जी मंडी मुख्य बाजार शामिल हैं। वहीं, कच्चीघाटी, घणाहट्टी, शोघी, तारादेवी, मशोबरा, ढली, कसुम्पटी, पंथाघाटी, मैहली, मल्याणा, समिट्री, भट्ठाकुफर जैसे बड़े उपनगर चुनाव से बाहर किए गए हैं। इनमें भी मुख्य शहर की तरह ही दो हजार से अधिक कारोबारी शामिल हैं। ज्यादातर उपनगरों के अपने व्यापार मंडल भी हैं जो अब सक्रिय होने लगे हैं।