अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीजों से ये क्या किया!
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ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब चिकित्सकों ने ऑपरेशन थियेटर में लेटाए मरीजों को ऑपरेट करने से मना कर दिया और ओटी से बाहर निकाल दिया। इससे भड़के तीमारदारों ने अस्पताल में दो घंटे तक हंगामा किया। डॉक्टरों समेत सीएमओ, और जिला स्वास्थय अधिकारी को भी गुस्से का सामना करना पड़ा।
मुख्य चिकित्साधिकारी ऊना ने इसे डॉक्टरों की अनुशासनहीनता करार देते हुए यहां तक कह डाला कि अगर चिकित्सक सहयोग नहीं करेंगे तो मरीजों के सरकारी खर्च पर निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कराए जाएंगे। चिकित्सकों की दलील है कि अस्पताल में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही पानी की उचित व्यवस्था।
खाली पेट बुलाया था मरीजों को
वीरवार को ऊना अस्पताल में करीब एक दर्जन मरीजों के परिवार नियोजन, गायनी समेत अन्य ऑपरेशन होने थे। बाकायदा ऑपरेशन वाली ड्रेस पहना कर ओटी में लेटाया गया। लेकिन चिकित्सकों ने ऐन मौके पर ऑपरेशन से मना कर दिया।
तीमारदार विनय कुमारी, विनोद कुमार, सूर्यकांत, राजेश कुमार, सुरेंद्र सिंह समेत अन्यों ने आरोप जड़ा कि वे दो दिनों से परेशान हो रहे हैं। रोगियों को खाना खाने से मना किया हुआ था। बुधवार को पानी की कमी का हवाला दिया गया। वीरवार को फिर भूखे मरीजों के साथ ऐसा ही किया गया।
अनुशासनहीनता कर रहे डॉक्टर
ऊना के सीएमओ जीआर कौशल ने कहा कि चिकित्सक अनुशासनहीनता कर रहे हैं। चिकित्सकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी। उन्हें कार्यालय तलब किया गया है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। अगर डॉक्टर न माने तो निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाए जाएंगे, खर्चा अस्पताल प्रबंधन वहन करेगा।
ऑप्रेशन करवाने पहुंचे रोगियों में पूजा, मोनिका, मीना, अनु कुमारी, ज्योति देवी, अनुराधा, आशा, विश्वनाथ ने कहा कि उनका अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। उन्हें ऑपरेशन के लिए ही अस्पताल में भर्ती भी किया गया है। लेकिन अब वे मुसीबत में फंस गए हैं।