आई ऐसी टॉफी बच्चों के दांत नहीं होंगे खराब, मिलेंगे प्रोटीन और विटामिन
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अब टॉफी खाने से बच्चों के दांत खराब नहीं होंगे। उनकी सेहत नहीं बिगड़ेगी, बल्कि उनको प्रोटीन और विटामिन मिलेंगे। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और उनकी हड्डियां भी मजबूत होंगी। ये खास टॉफियां कैंसर से लड़ने में सहायक होंगी।
खुंब अनुसंधान निदेशालय चंबाघाट, सोलन ने शोध के बाद ढिंगरी और बटन मशरूम से स्वास्थ्यवर्द्धक टॉफियां तैयार की हैं। अभी यह मशरूम कैंडी अनुसंधान केंद्र में ही उपलब्ध हैं।
इसका पेटेंट करवाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। बता दें कि हिमाचल में ढिंगरी व बटन मशरूम की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इससे किसान खुद भी बनाकर आर्थिकी बढ़ा सकते हैं।
ऐसे तैयार होती है कैंडी
बटन-ढिंगरी मशरूम को छोटे टुकड़ों में काटकर 5 मिनट तक उबाला जाता है। इसके बाद इसे सुखाकर चाशनी में डाल दिया जाता है। रोजाना तीन दिन तक अलग-अलग चाशनी में डालने के बाद इसे 60 डिग्री के तापमान पर 10 घंटों के लिए सुखाया जाता है। क्रिस्पी होने पर इस पर चीनी व गरी का बुरादा डालकर तैयार किया जाता है। यह मशरूम कैंडी 8 माह तक खराब नहीं होती है। इसका स्वाद भी बरकरार रहता है।
फ्लेवर पर चल रही है कसरत
खुंब अनुसंधान केंद्र ने इन टॉफियों को फ्लेवर देने की कसरत भी शुरू कर दी है। केंद्र स्ट्रोबरी, ऑरेंज, पाइन एप्पल, बनाना फ्लेवर की टॉफियां भी तैयार करना चाहता है। जल्द ही यह फ्लेवर भी चखने को मिलेंगे।
जल्द बाजार में उतारेंगे कैंडी: निदेशक
खुंब अनुसंधान केंद्र के निदेशक वीपी शर्मा ने बताया कि कैंडी के दाम अभी तय नहीं किए गए हैं। जल्द ही इसे बाजार में उतारा जाएगा। इसके पेटेंट की तैयारी भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादक किसान और स्वयं सहायता समूहों के लिए यह रोजगार का अच्छा व सस्ता साधन है। महिलाएं घर बैठे ही कैंडी तैयार कर सकती हैं।