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छात्रों के दर्द को भी अनसुना कर गई सरकारः धूमल
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 12 Jun 2014 09:42 AM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मंडी में हुए हादसे के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व सीएम ने कहा कि अगर थोड़ी सी भी सावधानी बरती जाती तो 25 अनमोल जिंदगियां बच सकती थी।
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पत्रकारों से बात करते हुए धूमल ने कहा कि थलौट हादसे के बाद प्रशासन का व्यवहार अमानवीय था। दुर्घटना स्थल से वापस लौटे नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस मौके पर देर से पहुंची और पुलिस के एक आला अधिकारी ने लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।
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वहीं पर एक छात्र ने उन्हें बताया कि हम कहते रहे कि पानी बंद करवा दो। ऐसे में प्रशासन की ओर से यह दलील दी गई कि यह दूसरे जिले की बात है। हमारे पास उनका नंबर नहीं है। यहां तक कि लोगों का कहना है कि वे प्रोजेक्ट वालों के पास गए कि पानी बंद कर दो मगर उनकी बात को नकारा गया।
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धूमल ने कहा कि टायर्ड, रिटायर्ड ,रिजेक्टिड और डिफिटिड व्यक्तियों की सरकारें ऐसा ही बर्ताव करती है। उन्होंने इस घटना की जांच की मांग की है। भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो। केवल हूटर बजाने से चेतावनी नहीं हो सकती है। पानी छोड़ने से पहले वार्निंग व्हीकल चलाना चाहिए जिससे लोगों को पता चल सके कि पानी छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार अगर उचित समझे तो खनन माफिया के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाए। जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वहां पर दरिया तक सड़क बनी हुई थी। यह सड़क सरकार ने तो नहीं बनाई थी। उन्होंने कहा कि खनन माफिया को किसका संरक्षण प्राप्त है।
प्रदेश में करोड़ों की लागत से बनें पुलों को खनन की वजह से खतरा उत्पन्न हो गया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के स्वागत में किसी मंत्री को न भेजने के सवाल पर धूमल ने कहा कि हमने तो आस्कर फर्नांडिस और आनंद शर्मा को दिल्ली से हेलिकॉप्टर पर लाकर वापस दिल्ली छोड़ा था।